श्रावणी मेले में बचे 26 दिन, जर्जर कांवड़िया मार्ग पर तैयारियां धीमी, स्थानीय दुकानदारों ने संभाली कमान

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बांस-बल्ले बांधकर अस्थायी दुकानों का ढांचा तैयार करने में जुटे लोग

Shravani Mela : श्रावणी मेले के शुरू होने में अब सिर्फ 26 दिन शेष हैं. कांवड़िया मार्ग पर मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि स्थानीय दुकानदार श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं.

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मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट

Shravani Mela : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत में अब केवल 26 दिन शेष रह गए हैं. ऐसे में तारापुर क्षेत्र से गुजरने वाले कांवड़िया मार्ग पर तैयारियों की रफ्तार को लेकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों में चिंता देखी जा रही है. उनका कहना है कि मार्ग की स्थिति अब भी खराब है, जबकि दूसरी ओर मेले से जुड़े स्थानीय व्यवसायी अपनी तैयारियां तेज कर चुके हैं.

कांवड़िया मार्ग की स्थिति को लेकर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य कांवड़िया मार्ग पर कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं. लगातार बारिश के कारण कई हिस्सों में कीचड़ जमा है, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है. लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत और बालू बिछाने का कार्य पूरा किया जाना जरूरी है.

दुकानदारों ने शुरू की तैयारियां

मेले के दौरान अपनी आजीविका चलाने वाले स्थानीय दुकानदार और सेवादार अभी से तैयारियों में जुट गए हैं. कांवड़िया मार्ग के किनारे अस्थायी दुकानें, होटल और विश्राम स्थलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है. स्थानीय कारीगर बांस-बल्ले से दुकानें तैयार कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को खान-पान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

स्थानीय लोगों ने सुविधाएं बढ़ाने की मांग की

Shravani Mela : स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि प्रशासनिक तैयारियां भी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके. उन्होंने कांवड़िया मार्ग पर सड़क मरम्मत, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को जल्द पूरा करने की मांग की है.

विश्व प्रसिद्ध है श्रावणी मेला

श्रावणी मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. हर वर्ष इस यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं.

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पिंटू प्रणव

लेखक के बारे में

By पिंटू प्रणव

प्रभात खबर में कंटेंट राइटर, जिन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 5 साल से ज़्यादा का अनुभव है. न्यूज़ राइटिंग, कंटेंट क्रिएशन, कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन राइटिंग और फ़ैक्ट-चेकिंग में अनुभवी. कृषि, वन और पर्यावरण, शिक्षा, राजनीति, टेलीकम्युनिकेशन, धर्म और आध्यात्मिक मामले, सामाजिक मुद्दे, NGO और संस्थान, सरकारी कामकाज और समसामयिक मामलों जैसे कई विषयों पर काम किया है. संपादकीय मानकों और न्यूज़रूम की कार्यक्षमता को बनाए रखते हुए सटीक, प्रभावशाली और पाठकों पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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