घरेलू गैस सिलिंडर की कम नहीं हो रही परेशानी, एजेंसी में लगातार बढ़ता जा रहा बैकलॉग

Updated at : 28 Mar 2026 6:51 PM (IST)
विज्ञापन
घरेलू गैस सिलिंडर की कम नहीं हो रही परेशानी, एजेंसी में लगातार बढ़ता जा रहा बैकलॉग

ईरान-इजरायल व अमेरिका युद्ध के कारण घरेलू गैस की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है, जबकि गैस एजेंसी के पास बैकलॉग भी लगातार बढ़ता जा रहा है.

विज्ञापन

प्रशासन का दावा, नहीं है गैस की कोई दिक्कत, पैनिक होने की जरूरत नहीं

मुंगेर. ईरान-इजरायल व अमेरिका युद्ध के कारण घरेलू गैस की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है, जबकि गैस एजेंसी के पास बैकलॉग भी लगातार बढ़ता जा रहा है. जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है. एक ओर जहां बुकिंग के बाद गैस गोदामों पर उपभोक्ता दौड़ लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर होम डिलीवरी लेने के इंतजार में गैस वाहन का इंतजार करते हैं. उपभोक्ता तब अधिक पैनिक हो रहे, जब घरेलू गैस सिलिंडर के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

मांग के अनुसार एलपीजी की नहीं हो रही आपूर्ति

एलपीजी के नियमों में बदलाव के कारण उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं. पिछले दिनों केंद्र सरकार की ओर से यह निर्देश जारी किया गया था कि 25 दिनों पर एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति की जायेगी. वर्तमान समय में शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 25 दिन एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन गैस रिफिल बुकिंग की सुविधा कर दी है, लेकिन जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, वैसे-वैसे एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति भी बाधित हो रही है. उपभोक्ता तब अधिक परेशान हो जा रहे, जब घरेलू गैस सिलिंडर के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. जब वे गैस सिलिंडर लेने के लिए गोदाम पर जाते हैं और बारी आने पर गोदाम कर्मी उनको यह कहते हुए लाइन से हटा देते हैं कि आज फलां तारीख को बुकिंग कराने वालों को ही सिलिंडर दिया जायेगा. लंबा बैकलॉग होने से भी उपभोक्ता पैनिक कर रहे हैं.

बैकलॉग बढ़ने से बढ़ रही परेशानी

जिले में 24 गैस एजेंसी संचालित हो रही है. जिनके पास दो लाख 30 हजार 490 उपभोक्ता निबंधित है, लेकिन गैस की आपूर्ति प्रभावित रहने से बैकलॉग लगातार बढ़ती जा रही है. जिला मुख्यालय के प्रमुख तीन गैस एजेंसी के पास आठ हजार 660 बैकलॉग चल रहा है. किसी के पास सात दिनों का बैकलॉग तो किसी के पास चार दिनों का बैकलॉग चल रहा है. परिवार एचपी के संचालक सुबोध वर्मा बताते हैं कि उनके पास 36 हजार उपभोक्ता हैं. जिसमें 237 कॉमर्शियल उपभोक्ता हैं. उनके पास वर्तमान में लगभग 4500 का बैकलॉग चल रहा है. 23 मार्च को बुकिंग कराने वाले उपभोक्ता को 27 मार्च को गैस की डिलीवरी की गयी, जबकि निखिल गैस एजेंसी संचालक निखिल कुमार ने बताया कि उनके पास 24 हजार उपभोक्ता निबंधित हैं. वर्तमान में 2560 बैकलॉग चल रहा है. जिसे छह से सात दिन डिलीवरी देने में वक्त लग रहा है. चुआबाग मोड़ पर संचालित गायत्री एचपी गैस एजेंसी संचालक मुरारी कुमार सिंह ने बताया कि 17 हजार उपभोक्ता उनके यहां है, 1600 का बैकलॉग चल रहा है. बैकलॉग अधिक रहने के कारण भी लोग परेशान हो रहे हैं.

नहीं है गैस की कोई किल्लत

जिला पदाधिकारी निखिल धनराज ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है. गैस गोदाम पर भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है और न ही पैनिक होने की जरूरत है. क्योंकि गैस की कोई किल्लत नहीं है.

जीविका को उपलब्ध होगा कॉमर्शियल सिलिंडर

मुंगेर. गैस की किल्लत का असर जीविका की रसोई पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, लेकिन उनकी परेशानी अब दूर होगी. जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की पहल पर गैस कंपनी ने परिवार एचपी को 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया है. जिसकी आपूर्ति सिर्फ जीविका रसोई घर को की जायेगी, ताकि सदर अस्पताल में भर्ती मरीज, पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिसकर्मी और सदर प्रखंड मुंगेर परिसर स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. परिवार एचपी के संचालक सुबोध वर्मा ने कहा कि प्रशासनिक पहल पर 10 कॉमर्शियल सिलिंडर मिला है, जिसकी आपूर्ति जीविका को सामूहिक रसोई संचालन के लिए उपलब्ध कराया जायेगा.

छोटे गैस सिलिंडर में अब भी चल रहा रिफिलिंग का गौरखधंधा

मुंगेर. घरेलू गैस सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं से ओटीपी लिया जा रहा है, लेकिन आज भी शहर में पांच किलो, दो किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर में रीफिलिंग का गौरखधंधा बंद नहीं हुआ है. हालांकि उनको पहले से अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है. पीएनबी चौक पर मोमोज, चाउमिन, बर्गर, चाट का दुकान संचालित करने वाले एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 100 रुपये किलो पहले गैस भरवाते थे. अब 150 से 160 रुपये किलो मिल रहा है. बावजूद भरवाने के लिए मारा-मारी करनी पड़ती है.

कहीं दुकान में घरेलू गैस का हो रहा उपयोग, तो कई लोगों ने अपनाया कोयला

मुंगेर.

एलपीजी की किल्लत घर के किचन से लेकर चाय-नाश्ते की दुकान पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है. कल तक रसोई गैस से चाय-नाश्ता की दुकान संचालित करने वालों में अधिकांश दुकानदार ने जहां कोयला अपना लिया है. वहीं कुछ दुकानदार आज भी घरेलू गैस से अपना धंधा चमका रहे हैं. आजाद चौक पर नाश्ता का दुकान संचालित करने वाले मदन कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर एक-दो दिनों में खत्म हो जायेगी. एजेंसी में गये तो बोला गया कि केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दिी है. उन्होंने कहा कि या तो धंधा बंद करना होगा, या कोयला का सहारा लेना पड़ेगा.

विज्ञापन
BIRENDRA KUMAR SING

लेखक के बारे में

By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन