साहित्य हर युग में मानवता का समर्थक और अन्याय का रहा विरोधी : सलिल

Updated:
विज्ञापन
साहित्य हर युग में मानवता का समर्थक और अन्याय का रहा विरोधी : सलिल

शहर के घोषी टोला में रविवार की शाम साहित्य प्रहरी के गोष्ठी का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

मुंगेर. शहर के घोषी टोला में रविवार की शाम साहित्य प्रहरी के गोष्ठी का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता समकालीन कविता के सशक्त हस्ताक्षर कुमार विजय गुप्त ने की. मुख्य अतिथि के रूप में गनगनिया सुल्तानगंज के कवि एवं रंगकर्मी साथी सुरेश सूर्य मौजूद थे. कार्यक्रम के प्रथम चरण में साहित्य प्रहरी के कोषाध्यक्ष ज्योति सिन्हा और खालिद शम्स ने कवियों, शायरों और साहित्यप्रेमियों का स्वागत संयुक्त रूप से किया. साहित्यकार शिवनंदन सलिल ने कहा कि साहित्य हर युग में मानवता का समर्थक और अन्याय का विरोधी रहा है. विश्व में जितनी भी क्रांतियां हुई हैं, सभी में साहित्य का हाथ रहा है. आज भी साहित्य कमोवेश अपने कार्य में लगा है. उर्दू सर्किल के जनाब गजाली ने कहा कि साहित्य समाज का रक्षक है. हर जमाने में साहित्य ने जनता को जागरूक बनाया है. अन्याय का विरोध किया है. कुमार विजय गुप्त ने कहा कि साहित्य एक प्रभावशाली अस्त्र है, जिसके द्वारा अन्याय, अत्याचार, शोषण रूपी दानव का संहार होता है. घनश्याम पोद्दार, जफर अहमद ओर साथी सुरेश ने कहा कि साहित्य प्रहरी हमेशा से अदबी और धार्मिक सद्भाव की मिसाल पेश करता रहा है. कार्यक्रम के दूसरे चरण में भव्य कवि गोष्ठी हुई. जिसमें शायर एहतेशाम आलम, सनोवर शादाब, ज्योति सिन्हा, खालिद शम्स, शिवनंदन सलिल, कुमार विजय गुप्त, इंद्रदेव सहित अन्य कवियों ने भाग लिया.

विज्ञापन
Birendra Kumar Sing

लेखक के बारे में

By Birendra Kumar Sing

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन