गंभीर कांडों का अनुसंधान खुद करेंगे थानाध्यक्ष : डीआइजी

Updated at : 30 Jan 2025 6:37 PM (IST)
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गंभीर कांडों का अनुसंधान खुद करेंगे थानाध्यक्ष : डीआइजी

लंबित कांडों का बंटवारा समान रूप से होना जरूरी है

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डीआइजी ने किया कोतवाली थाना का निरीक्षण, दिये आवश्यक निर्देश मुंगेर मुंगेर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि शीर्ष हेड के अपराध पर बेहतर तरीके से काम हो सके, इसे लेकर मुख्यालय ने निर्देश जारी किया है. अब हत्या, लूट, बलात्कार व डकैती जैसे गंभीर कांडों का अनुसंधान खुद थानाध्यक्ष करेंगे. ऐसे ही शीर्ष हेड के दो कांडों को कोतवाली थानाध्यक्ष को ट्रांसर्फर कराया गया है. वे गुरुवार को कोतवाली थाना निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से कही. डीआइजी ने कोतवाली थाना का निरीक्षण के दौरान वहां के दस्तावेजों के रखरखाव का जायजा लिया और इसको लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. उन्होंने डायल 112 के रिस्पांस टाइम का अवलोक किया. जिसमें पाया गया कि रिस्पांस टाइम 9 से 10 मिनट है. डीआइजी ने डायल 112 की टीम को रिस्पांस टाइम को ओर बेहतर बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने महिला हेल्प डेस्क पर काम कर रहे पुलिस पदाधिकारी से मुलाकात की और उससे एक दिन में कितने मामले आते है उसके बारे में जानकारी ली. भूमि विवाद के मामलों के निष्पादन की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिया. डीआइजी ने लंबित कांडों की समीक्षा की और उसका बंटवारा पुलिस पदाधिकारियों के बीच समान रूप से हुआ है अथवा नहीं इसका अवलोकन किया. डीआइजी ने कहा कि लंबित कांडों का बंटवारा समान रूप से होना जरूरी है. क्योंकि एक ही पुलिस पदाधिकारी पर लंबित कांडों का अनुसंधान की जिम्मेदारी होगी तो कांडों का अनुसंधान प्रभावित होगा. हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती कांडों की समीक्षा की और आईओ ने अब तक किस कांड में क्या कार्रवाई की इसकी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. डीआइजी ने थानाध्यक्ष व आईओ को निर्देश दिया कि अगर अपराधी दूसरे राज्य अथवा दूसरे जिले का है तो उसकी सूची तैयार कर उपलब्ध कराये. ताकि वहां के एसपी व डीआइजी से संपर्क कर अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने जांच में पाया कि इंज्यूरी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में कई कांड लंबित है. जिस पर थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे ऐसे कांडों की सूची उपलब्ध कराये. उन्होंने कहा कि कोतवाली थाना का भवन काफी पुराना है और कमरा व जगह की कमी है. जिससे पुलिसकर्मियों को काम करने में निश्चित तौर पर परेशानी होती होगी. थानाध्यक्ष ने डीआइजी को बताया कि नया भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव गया हुआ है, लेकिन जमीन की कुछ समस्या चल रही है. डीआइजी ने कहा कि वे अपने स्तर पर इस समस्या को देखेंगे और शीघ्र ही नया भवन निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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