मुंगेर का ऐतिहासिक चंडिका स्थान शक्तिपीठ, जहाँ गिरी थी मां सती की बाईं आंख; जानें इसका पौराणिक महत्व

Updated:
विज्ञापन

चंडिका स्थान शक्तिपीठ

Munger Chandika Sthan: देश के प्रमुख 51 शक्तिपीठों में शुमार मुंगेर का चंडिका स्थान न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था का केंद्र है; यहाँ गुफा के भीतर मां के दिव्य नेत्र के दर्शन होते हैं.

विज्ञापन

Munger Chandika Sthan: बिहार के ऐतिहासिक और पौराणिक शहर मुंगेर में स्थित मां चंडिका स्थान देश के सबसे जागृत और प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. यह पवित्र स्थल न केवल स्थानीय मुंगेर वासियों, बल्कि संपूर्ण बिहार और पड़ोसी राज्यों (जैसे झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश) के सनातन धर्मावलंबियों के लिए गहरी आस्था और श्रद्धा का मुख्य केंद्र है. यहाँ सालों भर श्रद्धालु भक्त माता चंडिका के दरबार में मत्था टेकने पहुंचते हैं और अपने परिवार की सुख, समृद्धि तथा मंगल की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

मां सती की दाईं नहीं, बल्कि ‘बाईं आंख’ गिरी थी यहाँ; गुफा में है दिव्य स्वरूप

  • पौराणिक आख्यान: सनातन मान्यताओं और पुराणों के अनुसार, जब राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव के अपमान से क्षुब्ध होकर माता सती ने यज्ञ के अग्निकुंड में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी, तब महादेव उनके पार्थिव शरीर को लेकर तांडव करने लगे थे. सृष्टि को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए. माना जाता है कि मुंगेर के इसी पावन स्थल पर मां सती की ‘बाईं आंख’ (लेफ्ट आई) गिरी थी.
  • प्राकृतिक गुफा में दर्शन: चंडिका स्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ मां चंडिका का नेत्र रूपी स्वरूप एक विशाल प्राकृतिक पहाड़ की गुफा के अंदर स्थापित है. इस पावन गुफा के ठीक ऊपर भव्य मंदिर की संरचना विकसित की गई है.
  • देवताओं का वास: इस मुख्य शक्तिपीठ परिसर के भीतर केवल मां चंडिका ही नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के अन्य सभी प्रमुख देवी-देवताओं के लिए भी अलग-अलग छोटे व भव्य मंदिरों का निर्माण किया गया है, जिससे यह एक संपूर्ण आध्यात्मिक परिसर का रूप ले चुका है.

Munger Chandika Sthan: नवरात्र में उमड़ता है जनसैलाब; घंटों की गूंज से भक्तिमय होता है माहौल

यूं तो चंडिका स्थान में प्रतिदिन सुबह-शाम महाआरती और विशेष पूजा-अर्चना का दौर चलता है, लेकिन साल के दोनों (चैत्र और शारदीय) नवरात्र के दौरान यहाँ का नजारा अलौकिक होता है.

नवरात्र के नौ दिनों में मां चंडिका के दर्शन के लिए तड़के सुबह 3:00 बजे से ही किलोमीटर लंबी लाइनें लग जाती हैं. मंदिर के मुख्य गर्भगृह और प्रांगण में बजने वाले बड़े-बड़े पीतल के घंटों और शंखों की समवेत ध्वनि से पूरा मुंगेर जिला मुख्यालय और गंगा तटीय इलाका भक्तिमय रस में सराबोर रहता है. सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा बैरिकेडिंग व सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की विशेष व्यवस्था की जाती है.

धार्मिक मान्यताओं में यह भी प्रचलित है कि जिन श्रद्धालुओं की आंखों में किसी प्रकार का रोग या विकार होता है, वे यहाँ मां के चरणों का काजल या पवित्र नीर (जल) अपनी आंखों में लगाते हैं, जिससे उन्हें असाध्य नेत्र रोगों से मुक्ति मिलती है. इसी आस्था और विश्वास के सहारे देश के कोने-कोने से आम नागरिकों के साथ-साथ कई वीवीआईपी (VVIP) लोग भी यहाँ गुप्त साधना और तंत्र पूजा के लिए आते हैं.

Also Read: अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रभाग की कार्रवाई जारी.

Also Read: आज से पूरे बिहार में शुरू होगा आंधी-पानी का दौर, इन 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, IMD की एडवाइजरी जारी

विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन