एमयू ने आआआईआई करेल व हिमालय वन अनुसंधान संस्थान शिमला के साथ किया समझौता

त्रिपक्षीय समझौता के अनुसार भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान मुंगेर विश्वविद्यालय को रबर के पौधे और बीज उपलब्ध कराएगी तथा खाद की कीमत देगी.
मुंगेर मुंगेर विश्वविद्यालय के वणिस्पतिशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप कुमार टाटा ने विश्वविद्यालय के लिये भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान, कोट्टायम (केरल) तथा हिमालय वन अनुसंधान संसंस्थान, शिमला के साथ त्रिपक्षीय समझौता शमिला में किया. इस त्रिपक्षीय समझौता पर भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान ( रबर बोर्ड) के कार्यकारी निदेशक एम. वसंतगेसन और हिमालय वन अनुसंधान संसंस्थान, शिमला के निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल ने हस्ताक्षर किया. जहां अन्य वैज्ञानिक डॉ सादिक, डॉ इब्राहिम आदि मौजूद थे. बताया गया कि इस त्रिपक्षीय समझौता के अनुसार भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान मुंगेर विश्वविद्यालय को रबर के पौधे और बीज उपलब्ध कराएगी तथा खाद की कीमत देगी. जबकि विश्वविद्यालय दो एकड़ जमीन और मजदूरी की कीमत देगी. इनकी उपयुक्तता का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक रूप से मान्य डाटा उत्पन्न किया जाएगा. समझौता के आधार पर एमयू के शोधार्थी देश के इन बड़े शोध संस्थानों में जाकर रिसर्च सुविधाओं से लाभ प्राप्त कर सकेंगे तथा इन शोध संस्थानों के वैज्ञानिक भी बिहार आकर यहां के शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर सकेंगे.
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