परिवार नियोजन अभियान में पिछड़ रहा मुंगेर स्वास्थ्य विभाग

Updated at : 05 Mar 2025 6:47 PM (IST)
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परिवार नियोजन अभियान में पिछड़ रहा मुंगेर स्वास्थ्य विभाग

सरकार बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने को लेकर परिवार नियोजन कार्यक्रम पर हर साल लाखों रुपये खर्च करती है.

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10 मार्च से आरंभ होने वाला पखवाड़ा बनेगी चुनौती

वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुआ मात्र 1,307 बंध्याकरण व 35 नसबंदी

वित्तीय वर्ष के अंतिम पखवाड़े में 800 बंध्याकरण व नसबंदी का लक्ष्य

मुंगेर. सरकार बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने को लेकर परिवार नियोजन कार्यक्रम पर हर साल लाखों रुपये खर्च करती है. इसके लिए एक वित्तीय वर्ष में चार परिवार नियोजन पखवाड़ा भी आयोजित किया जाता है. जिसके तहत 10 मार्च से वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतिम पखवाड़ा आरंभ होने वाला है, लेकिन मुंगेर में परिवार नियोजन कार्यक्रम पूरी तरह पिछड़ गया है. हाल यह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में अबतक हुए तीन परिवार नियोजन पखवाड़ा में जहां 1,307 महिलाओं का बंध्याकरण हो पाया है. वहीं मात्र 35 पुरुष नसबंदी ही स्वास्थ्य विभाग कर पाया है. जो मुंगेर जिले के लक्ष्य से काफी दूर है. ऐसे में मुंगेर स्वास्थ्य विभाग के लिए 10 मार्च से आरंभ होने वाले पखवाड़े में निर्धारित 800 बंध्याकरण व नसबंदी का लक्ष्य पूरा करना बड़ी चुनौती होगी.

लक्ष्य से पूरी तरह दूर हुआ मुंगेर स्वास्थ्य विभाग

परिवार नियोजन कार्यक्रम में मुंगेर जिला अपने लक्ष्य से पूरी तरह भटक चुका है. अबतक के तीन परिवार नियोजन पखवाड़ा में जहां बंध्याकरण के लिए तीन हजार का लक्ष्य था. वहीं पुरुष नसबंदी के लिए लगभग 300 का लक्ष्य था, लेकिन अबतक के तीन परिवार नियोजन पखवाड़ा में बंध्याकरण के तीन हजार के लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 1,307 महिलाओं का ही बंध्याकरण ऑपरेशन कर पाया है. वहीं नसबंदी के 300 के लक्ष्य के विरूद्ध अबतक मात्र 35 पुरुषों का ही नसबंदी कर पाया है. जबकि 18 से 30 नवंबर 2024 के बीच विशेष रूप से पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया गया था. जिसमें 90 पुरुषों के नसबंदी तथा एक हजार महिलाओं के बंध्याकरण का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें मुंगेर स्वास्थ्य विभाग पूरे पखवाड़े के दौरान जहां मात्र 423 बंध्याकरण कर पाया, वहीं इस दौरान मात्र तीन पुरुष नसबंदी ही हो पाया.

दो चिकित्सकों के भरोसे मुंगेर में परिवार नियोजन पखवाड़ा

बता दें कि एक वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चार बार परिवार नियोजन पखवाड़ा चलाया जाता है. जिसमें मुंगेर के लिए लक्ष्य हासिल करने की जिम्मेदारी मात्र दो चिकित्सकों पर ही है. जिसमें डॉ बीएन सिंह तथा डॉ अशोक पासवान है. जमालपुर और धरहरा प्रखंड की जिम्मेदारी जहां डॉ अशोक पासवान पर है, वहीं जिले के शेष सात प्रखंडों में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की जिम्मेदारी डॉ बीएन सिंह पर ही है. इतना ही नहीं सदर अस्पताल में पुरुष नसबंदी की जिम्मेदारी भी डॉ बीएन सिंह के कंधों पर ही है. ऐसे में एक पखवाड़े के दौरान जिले के सात प्रखंडों में कार्यक्रम के संचालन की स्थिति को खुद ही समझा जा सकता है.

एक वित्तीय वर्ष में होता है चार परिवार नियोजन पखवाड़ा

जिले में एक वित्तीय वर्ष में चार बार परिवार नियोजन पखवाड़ा कार्यक्रम संचालित किया जाता है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां 11 से 31 जुलाई के बीच जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलाया गया. वहीं 17 से 31 सितंबर के बीच मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के तहत पखवाड़ा चलाया गया. जबकि 18 से 30 नवंबर के बीच पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया गया है. वहीं वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पहले अब 10 मार्च से दोबारा पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चलाया जाना है. जिसमें विभाग से जिले को 800 बंध्याकरण तथा नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है.

परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए नये चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर इंपैनल किया जा रहा है. जिसके लिए जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर नये चिकित्सकों को इंपैनल किया जायेगा. हालांकि वर्तमान में मुंगेर में परिवार नियोजन कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है. 10 मार्च से परिवार नियोजन पखवाड़ा आरंभ हो रहा है. जिसके लिए सभी को लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

डॉ विनोद कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन

अबतक के तीन पखवाड़े में परिवार नियोजन की स्थिति

प्रखंड बंध्याकरण नसबंदी

असरगंज 75 0

बरियारपुर 93 0

धरहरा 138 3

खड़गपुर 171 5

जमालपुर 101 3

सदर प्रखंड 168 1

सदर अस्पताल 247 5

संग्रामपुर 90 2

तारापुर 154 14

टेटियाबंबर 60 2

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