iPhone: मजदूर पिता ने बेटी को नहीं दिलाया एप्पल का मोबाइल, फिर लड़की ने ब्लेड से…
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Mar 2025 8:54 PM
फोटो प्रतीकात्मक
iPhone: बिहार के मुंगेर जिले से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक मजदूर पिता ने जब अपनी बेटी को एप्पल का मोबाइल नहीं दिया तो उसने खुद को बुरी तरह जख्मी कर लिए.
iPhone: मोबाइल का नशा इस कदर युवाओं पर छा गया है कि इसकी पूर्ति नहीं होने पर वह किसी भी हद तक जा सकते हैं. मुंगेर जिला के जमालपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर खलासी मोहल्ला निवासी एक मजदूर की पुत्री ने एप्पल का मंहगा मोबाइल नहीं मिलने पर अपने बायें हाथ को ब्लेड से काट कर जख्मी कर लिया. उसके हाथ पर कई घाव हैं, जिसका इलाज चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है.
जब पिता को पता चला कि मोबाइल एक लाख में मिलाता तो…
घायल युवती की मां सरकारी स्कूल में रसोईया है. जबकि पिता मजदूरी करता है. युवती ने बरियारपुर में अपने पसंद के लड़के से शादी की है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह अपने मायके में आकर रहने लगी थी. उसने अपनी मां और पिता से एप्पल कंपनी का मोबाइल दिलाने के लिए कहा. जब माता-पिता को पता चला कि वह मोबाइल एक लाख में मिलता है, तो उसने बेटी से कहा कि इतना महंगा मोबाइल दिलाना उनलोगों के बस में नहीं है. इसलिए कोई सस्ता मोबाइल ले, जिसके लिए पैसा देने को माता-पिता तैयार थे.
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युवती बोली- मुझे कोई तकलीफ नहीं
युवती पर महंगा मोबाइल लेने का भूत सवार हो गया. सोमवार को युवती मोबाइल दिलाने के लिए अपने माता-पिता से जिद करने लगी. जब माता-पिता ने फिर से असमर्थता जतायी तो उसने ब्लेड से अपने बायें हाथ की कलाई सहित अन्य जगहों पर हाथों को काट लिया. जिससे उसका हाथ लहु-लुहान हो गया. जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया. घायल युवती ने खुद बताया कि उसे कहीं से कोई तकलीफ नहीं है, बस उसे मोबाइल चाहिए, वह भी एप्पल का.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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