भक्तिमय माहौल में श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान

भक्तिमय माहौल में श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान
कथावाचक अखिलेशानंद जी महाराज ने भागवत कथा का महत्व समझाया
श्रद्धालुओं ने भजन व जयकारों के बीच कथा का किया आनंद
मुंगेर. तारापुर के सोनडीहा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया, जिसमें शनिवार को वृंदावन से आए कथावाचक अखिलेशानंद जी महाराज ने भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला. कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा श्रवण करने से भक्ति, ज्ञान व वैराग्य की प्राप्ति होती है. यह जीवन को बदलने की शक्ति रखती है. उन्होंने बताया कि जैसे लोहा पारसमणि के स्पर्श से सोने में बदल जाता है, वैसे ही सत्संग व भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन को आनंदमय बनाता है. अखिलेशानंद जी महाराज ने जीवन को दो रूपों में जीने की व्याख्या की. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कठिनाइयों में भी प्रसन्न, सहनशील, प्रेमशील व सदाचारी रहता है, उसका जीवन तपस्वी बन जाता है, जबकि जो कलह, पापाचार व अन्य नकारात्मक वृत्तियों में लिप्त होता है, उसका जीवन तमाशा बन जाता है. कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा हमारे अंदर के मात्सर्य व दोष को समाप्त कर, जीवन को आनंदमय, प्रेममय और शांतमय बनाती है. सच्चिदानंद परमात्मा का अनुभव इसी कथा श्रवण से होता है, जिसमें सत्यचित्त और चैतन्य आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है. कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन गाकर व जयकारों के साथ माहौल को भक्तिमय बना दिया. पूरे पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी, जिन्होंने कथा का गहरी श्रद्धा व उत्साह के साथ आनंद लिया.
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