ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल सीताचरण को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की उठ रही मांग

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ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल सीताचरण को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की उठ रही मांग

देश में सनातनी सरकार है और सरकार लगातार मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए काम कर रही है.

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मुंगेर ———————- समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुंगेर जिलाधिकारी को पत्र लिखा कर गंगा में अवस्थित बेहद पवित्र उद्गम एवं आध्यात्मिक स्थल सीताचरण को पर्यटक स्थल घोषित करने एवं इसके जीर्णोद्धार की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है. ऐसी मान्यता है की लंका पति रावण के वध के उपरांत अयोध्या लौटने के क्रम में भगवान श्री राम ब्रह्म हत्या दोष निवारण के लिए पौराणिक मुग्दलपुरी वर्तमान मुंगेर में ऋषि मुद्गल के आश्रम में उसके सानिध्य में यज्ञ किये थे. इसी दौरान माता जानकी ने गंगा नदी तट पर भगवान भास्कर की पुजा कर सुख, शांति, समृद्धि की कामना की थी. जिसे आज पूरे विश्व में लोग छठ पूजा के नाम से जानते हैं. इस परम्परा की शुरुआत यहीं से हुई थी जिसका प्रमाण आज भी सीता चरण मंदिर स्थित चट्टानों पर स्पष्ट रूप से प्रलक्षित हो रहा है. जो श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र है. उन्होंने कहा है कि गंगा के बीच अवस्थित होने के कारण सीताचरण आने जाने का मार्ग काफी दुर्गम है. वहां जाने के लिए श्रद्धालुओं को पहले नाव से गंगा के पूर्वी तट से दूसरी तट पर जाना पड़ता है. लगभग 3 किलोमीटर चल कर श्रद्धालु वहां पहुंचते है. उन्होंने कहा कि अब जबकि देश में सनातनी सरकार है और सरकार लगातार मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए काम कर रही है. इस अनुकूल माहौल और परिस्थितियों में माता सीता के मंदिर सीता चरण का जिर्णोद्धार कर इसके दुर्गम मार्ग को सुलभ बनाते हुए गंगा नदी के पूर्व दिशा से लेकर पश्चिम दिशा तक पुल का निर्माण कर इसे पर्यटक क्षेत्र में शामिल कर इस क्षेत्र की गौरवमयी में परंपरा की रक्षा करे.

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राणा गौरी शंकर

लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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