मुंगेर में कच्ची कांवरिया पथ पर बिछ रही बालू, 12 दिन पहले युद्धस्तर पर तैयारी, शिवभक्तों की राह होगी आसान

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कांवरिया पथ को किया जा रहा दुरूस्त  | Prabhat Khabar Network

कांवरिया पथ को किया जा रहा दुरूस्त | Prabhat Khabar Network

Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के लिए कांवरिया पथ को अंतिम रूप दिया जा रहा है. कच्ची कांवरिया मार्ग पर बालू बिछाने और समतलीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. भक्तों की सुविधा के लिए अस्थाई दुकानें और शिविर भी तैयार हो रहे हैं.

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Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन और स्थानीय व्यवसायियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाले कच्ची कांवरिया मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. प्रशासन की ओर से पूरे मार्ग पर बालू बिछाई जा रही है, जबकि खराब हिस्सों का समतलीकरण भी किया जा रहा है.

श्रावणी मेला शुरू होने में अब महज 12 दिन का समय बचा है. ऐसे में हर दिन तैयारियों की रफ्तार बढ़ती जा रही है ताकि लाखों कांवरियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

कांवरियों के पैरों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

कच्ची कांवरिया पथ पर ट्रैक्टर और विशेष मशीनों की मदद से मोटी परत में बालू बिछाई जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबाधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को चलने में आसानी हो और उनके पैरों में छाले कम पड़ें.

जहां-जहां सड़क ऊबड़-खाबड़ है, वहां समतलीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है. प्रशासन का मानना है कि बेहतर रास्ता होने से कांवरियों की लंबी पदयात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी.

सिर्फ सड़क नहीं, पूरी व्यवस्था की हो रही तैयारी

कच्ची मार्ग पर केवल बालू बिछाने का काम ही नहीं चल रहा है. अधिकारियों के अनुसार झाड़ियों की कटाई, साफ-सफाई, पेयजल, अस्थायी शौचालय और रोशनी जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है.

श्रावणी मेला पूरे सावन माह तक चलता है और इस दौरान लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं. ऐसे में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है.

कांवरिया पथ पर सजने लगे भोजनालय और विश्राम शिविर

मेला शुरू होने से पहले ही कांवरिया मार्ग पर अस्थायी दुकानें और सेवा शिविर आकार लेने लगे हैं. स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ दूसरे जिलों और राज्यों से आए व्यापारी भी बांस, बल्ले और तिरपाल की मदद से पंडालनुमा भोजनालय और विश्रामालय तैयार कर रहे हैं.

इन शिविरों में कांवरियों के ठहरने, भोजन, शुद्ध पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है. कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी सेवा शिविर लगाने की तैयारी में जुटी हैं.

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला स्थानीय कारोबार की भी बड़ी उम्मीद

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि श्रावणी मेला उनके लिए साल का सबसे बड़ा कारोबार लेकर आता है. इसलिए वे समय रहते अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लेना चाहते हैं.

व्यवसायियों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होंगे. इससे स्थानीय व्यापार, होटल, भोजनालय, पूजा सामग्री, परिवहन और अन्य छोटे कारोबारों को भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है.

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प्रशासन की चुनौती, श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित और सुगम यात्रा

हर वर्ष श्रावणी मेला शुरू होने से पहले प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कांवरिया मार्ग को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना होती है. इस बार भी समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.

यदि निर्धारित समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाती हैं तो लाखों शिवभक्तों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है.

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संजय वर्मा

लेखक के बारे में

By संजय वर्मा

संजय वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. तारापुर (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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