नगर निगम अपनी आय को बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं, सिर्फ 60 फीसदी हुई राजस्व वसूली
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है. आय वृद्धि के लिए जिला प्रशासन ने मुंगेर का टैक्सी स्टैंड, नगर भवन व फेरी सेवा निगम के हवाले कर दिया. किंतु निगम प्रशासन लोगों से नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स की भी वसूली नहीं कर पा रहा. एक तो पर्याप्त संख्या में निगम के […]
विज्ञापन
नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है. आय वृद्धि के लिए जिला प्रशासन ने मुंगेर का टैक्सी स्टैंड, नगर भवन व फेरी सेवा निगम के हवाले कर दिया. किंतु निगम प्रशासन लोगों से नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स की भी वसूली नहीं कर पा रहा. एक तो पर्याप्त संख्या में निगम के पास राजस्व वसूली के लिए तहसीलदार नहीं हैं. दूसरे निगम बोर्ड भी इस व्यवस्था को सुधारने के लिए अब तक कोई ठोस उपाय नहीं कर पाया है.
मुंगेर: नगर निगम में टैक्स वसूली के लिए एक तहसीलदार पर तीन-तीन वार्ड की जिम्मेदारी है. वैसे इसमें भी समानता नहीं है. किसी तहसीलदार को एक तो किसी को दो-दो व तीन-तीन वार्ड का जिम्मा है. जिसके कारण होल्डिंग टैक्स वसूली का कार्य भी प्रभावित होता है. क्योंकि एक तहसीलदार तीन-तीन वार्ड का भ्रमण भी नहीं कर पाते. इससे मुंगेर नगर निगम अपने राजस्व के निर्धारित लक्ष्य को भी प्राप्त नहीं कर पा रहा. गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में निगम ने 5.45 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था. जिसके विरुद्ध मात्र 3.31 करोड़ रुपये ही वसूली हो पायी. शहर में न तो नियमित रूप से आम लोग टैक्स का भुगतान कर रहे और न ही निगम प्रशासन द्वारा टैक्स की वसूली में कोई ठोस पहल की जा रही.
प्रभार में काम कर रहे तहसीलदार : नगर निगम के दस तहसीलदार के पद सृजित हैं. जिसके विरुद्ध मात्र 8 तहसीलदार पदस्थापित है. 2012 में दो के अवकाश ग्रहण करने के कारण स्वीकृत पद से भी कम तहसीलदार यहां हैं. वैसे निगम ने तहसीलदार के स्वीकृत पद को तो नहीं बढ़ाया, लेकिन दस अन्य कर्मी को प्रभारी तहसीलदार बनाकर राजस्व की वसूली करवा रहा है. हद तो यह है कि इसमें सात कर्मी चतुर्थवर्गीय है.
राजस्व प्राप्ति में होती है परेशानी : टैक्स दारोगा की मानें तो तहसीलदार टैक्स वसूली के साथ-साथ किरानी का भी काम करते हैं. इतना ही नहीं जिला प्रशासन के कार्य को भी तहसीलदार ही करते हैं. जिसके कारण टैक्स वसूली में दिक्कत होती है और टारगेट के अनुसार राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पाती है. जबकि प्रत्येक वार्ड के लिए एक-एक तहसीलदार होना चाहिए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










