एक साल में हृदय रोग से पीड़ित 34 बच्चों को इलाज के लिये भेजा गया हायर सेंटर

हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिये समय-समय पर कैंप भी आयोजित किया जा रहा है.
– जिले में हृदय रोग के कुल 72 बच्चों का हुआ जांच मुंगेर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम तथा डिस्ट्रिक अर्ली इंटनवेंशन सेंटर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री हृदय रोग योजना के तहत हृदय रोग से पीड़ित कुल 34 बच्चों को निशुल्क इलाज के लिये हायर सेंटर भेजा गया है. जबकि इस दौरान जिले में हृदय रोग के लगभग 72 बच्चों की पहचान उपचार के लिये किया गया है. जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक फैजान आलम अशरफी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य सुरक्षा टीम तथा सदर अस्पताल में बने डीईआईसी सेंटर द्वारा लगातार जिले में भ्रमण कर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान एवं जांच की जा रही है. जिसके बाद ऐसे बच्चों को इलाज के लिये पटना और अहमदाबाद में सरकारी खर्चे पर इलाज के लिये भेजा जा रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हृदय रोग योजना के तहत ऐसे बच्चों के उपचार सहित उनके अभिभावकों के आने-जाने का सभी खर्च विभाग वहन करती है, ताकि हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का इलाज किया जा सके. डीआईईसी सेंटर के निशांत कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक रूप नारायण शर्मा द्वारा लगातार आरबीएसके टीम और डीआईईसी सेंटर के कार्यों का मॉनिटरिंग किया जा रहा है. साथ ही हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिये समय-समय पर कैंप भी आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में हृदय में छेद के साथ कुल 72 बच्चों की जांच कर उपचार के लिये पहचान किया गया है. जिसमें अबतक कुल 34 बच्चों का निशुल्क उपचार कराया गया है. उन्होंने बताया कि इनमें हृदय में छेद से पीड़ित कुल 32 बच्चों को इलाज के लिये सत्य साईं हॉस्पीटल अहमदाबाद भेजा गया है. जबकि 2 बच्चों को इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना भेजा गया है.
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