जिले में 28993 बच्चों को लगेगा बीसीजी का टीका, लक्ष्य से पीछे तीन प्रखंड

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसमें बीसीजी का टीकाकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28 हजार 933 का लक्ष्य रखा गया है.
मुंगेर. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसमें बीसीजी का टीकाकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28 हजार 933 का लक्ष्य रखा गया है. जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाये जा रहे टीकाकरण में सभी 9 प्रखंड भाग ले रहे हैं. बीसीजी के टीकाकरण में जनवरी 2025 में सबसे अधिक मुंगेर शहरी क्षेत्र में 609 तथा सबसे कम टेटियाबंबर प्रखंड में मात्र 98 बच्चों को ही टीका लगाया गया है.
बता दें कि खुद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय व अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिले में 95 प्रतिशत टीकाकरण हर हाल में मार्च माह तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. जिसे लेकर जिले में लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही सिविल सर्जन द्वारा अपने स्तर से टीकाकरण अभियानों की मॉनिटरिंग की जा रही है.कैंसर जैसी घातक बीमारियों से बचाता है बीसीजी का टीका
प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ के रंजन ने बताया कि जन्म लेने के 24 घंटे के भीतर ही नवजात शिशुओं को बीसीजी का टीकाकरण किया जाता है. बच्चे कहीं भी जन्म लें, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क टीकाकरण कराया जा सकता है. उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं में बीसीजी का टीका लगाना अनिवार्य है. बीसीजी एक तरह से वैक्सीन है, जो मुख्य रूप से शिशुओं को टीबी और दिमागी बुखार से बचाने के लिए लगाया जाता है. टीबी और दिमागी बुखार से बचाने के अलावा बीसीजी का टीका कैंसर जैसे घातक बीमारियों के खतरे को कम करने का काम करता है. बीसीजी टीके की डोज लेने के बाद शिशुओं के शरीर में दिमागी बुखार और टीबी से बचने के लिये प्रतिरक्षण तैयार होता है. इस टीके का डोज लेने के बाद शिशु के शरीर में इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इसके अतिरिक्त जन्म से पांच तक बच्चों को कई अन्य टीके भी लगाये जाते हैं. जिसे अनिवार्य से रूप से लगाना चाहिए.प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 तक कुल 28,993 बच्चों को बीसीजी का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित है. जिसमें अबतक 18,826 बच्चों को बीसीजी का टीका लगा दिया गया है. जो कुल 65 प्रतिशत है. वहीं मार्च माह के अंत तक शतप्रतिशत लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि जिले में जहां टीकाकरण का प्रतिशत कम हैं. वहां कैंप मोड में बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण किया जा रहा है.
जमालपुर, संग्रामपुर और टेटियाबंबर टीकाकरण में पीछे
जमालपुर, संग्रामपुर और टेटियाबंबर प्रखंड बीसीजी टीकाकरण में सबसे पीछे हैं. टेटियाबंबर में जहां अबतक 44 प्रतिशत बच्चों को बीसीजी का टीका लगाया गया है. वहीं संग्रामपुर में 55 प्रतिशत बच्चों को बीसीजी का टीका लगाया गया है. जबकि जमालपुर में अबतक मात्र 32 प्रतिशत बच्चों को ही टीकाकृत किया गया है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि जमालपुर क्षेत्र का अधिकांश प्रसव सदर अस्पताल में होता है. ऐसे में वहां टीकाकरण कम हैं. हालांकि इसके बावजूद कैंप मोड में बच्चों को चिन्हित कर टीकाकृत किया जा रहा है.
बीसीजी का टीका बच्चों को कैंसर जैसे घातक बीमारियों से बचाता है. जिसे जन्म के बाद ही बच्चों को दिया जा रहा है. वहीं वैसे बच्चे जो टीका लेने से छूट गये हैं. वैसे बच्चों को चिन्हित कर टीकाकृत किया जा रहा है.डॉ विनोद कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन
बीसीजी टीका लक्ष्य व प्राप्ति (जनवरी 2025)
प्रखंड लक्ष्य प्राप्ति प्रतिवर्ष
असरगंज 175 191 1,577
बरियारपुर 258 162 2,318धरहरा 310 160 2,793
जमालपुर 491 148 4,416खड़गपुर 500 376 4,500
सदर मुंगेर 329 70 2,965मुंगेर शहरी 489 609 4,399
संग्रामपुर 230 172 2,072तारापुर 260 299 2,336
टेटियाबंबर 180 98 1,617B
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




