हार्डकोर नक्सली भीम ने किया आत्मसमर्पण

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंगेर : डीआइजी मनु महाराज द्वारा नक्सल क्षेत्र में चलाये जा रहे जागरूकता अभियान का नतीजा दिखने लगा है. बुधवार को उनके कार्यालय में पहुंच कर हार्डकोर नक्सली भीम यादव ने आत्मसमर्पण किया. वह लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के कठौर गांव का रहने वाला है और लंबे समय से नक्सली संगठन से जुड़ कर नक्सलियों के लिए काम कर रहा था.

आत्मसमर्पण करने वाला हार्डकोर नक्सली पर जिले के विभिन्न थानों में 10 मामले दर्ज हैं. इनमें लडैयाटांड थाना में 10 मार्च 2008 को धारदार हथियार से हत्या का मामला दर्ज है. तो 8 मार्च 2010 को केनबम, डेटोनेटर आदि के बरामदगी का मामला दर्ज है. जबकि 25 मई 2010 को नक्सली साहित्य, नक्सली पोस्टर, नक्सली बैनर बरामद होने में भी यह नामजद है.
20 दिसंबर 2009 को 27 आर्म्स एक्ट और यूपीए एक्ट में मामला दर्ज है. 11 जून 2017 को पुलिस ने बम, डेटोनेटर सहित अन्य समान बरामद किया था. इस मामले में भी वह नामजद है. 27 अक्तूबर 2009 में यूएपी एक्ट के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इधर धरहरा थाना में 26 फरवरी 2011 में 27 आर्म्स एक्ट के तहत उस पर मामला दर्ज है.
18 दिसंबर 2009 को सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है. खड़गपुर थाना पुलिस ने 2 फरवरी 2010 को छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, मैगजीन और नक्सली साहित्य बरामद किया था, जिसमें भीम नामजद है. नक्सली भीम यादव नक्सली संगठन के आर्म्स दस्ता में सक्रिय सदस्य था.
वह हार्डकोर नक्सली नागेश्वर कोड़ा के दस्ते में शामिल था, जिसके इशारे पर वह नक्सली वारदात को अंजाम दिया करता था. आत्मसमर्पण के उपरांत भीम यादव ने बाताया कि बेरोजगारी और भुखमरी के कारण मुख्यधारा से भटक कर नक्सली संगठन में शामिल हो गया था, लेकिन वहां कुछ भी सही नहीं है और वह घुटन महसूस कर रहा था, जिसके कारण आत्मसर्मपण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया.
कहते हैं डीआइजी
डीआइजी मनु महाराज ने बताया कि हार्डकोर नक्सली भीम यादव ने बुधवार को उनके कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया. सरकार के नियमानुसार इन्हें हर संभव मदद की जायेगी.
नक्सलियों ने मुखबिरी करने वालों को दी चेतावनी
टेटियाबंबर : खड़गपुर- जमुई मुख्य मार्ग में गंगटा मोड़ चौक पर बने गोलंबर व कई दुकानों में मंगलवार की देर रात नक्सलियों ने पर्चा चिपका कर न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. बल्कि पुलिस की मुखबिरी करने वालों को चेतावनी भी दी है. पर्चा के माध्यम से 5 लोगों को पुलिस की मुखबिरी नहीं करने की चेतावनी दी है. लाल स्याही से लिखें पर्चे में पुलिस की मुखबिरी करने वालों को जन अदालत में सजा सुनाने की धमकी दी है. पर्चा साटने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गया है.
नक्सलियों ने पर्चा के माध्यम ने कहा कि मुखबिरी करने वाले कुछ आदमी इस तरह हैं, जिसमें मिल्की निवासी सोहन सिंह, फंटूश सिंह, धनंजय सिंह, मुन्ना सिंह, निक्कू सिंह शामिल है. इन चिह्नित लोगों से निवेदन किया जाता है कि आप थाना का मुखबिरी करना छोड़ दें. एक दैनिक समाचार पत्र से रिपोर्टर को भी नक्सलियों ने अपना टारगेट बनाते हुए चेतावनी दी है कि आप सभी को थाना का मुखबिरी करते देखा गया है.
आपके सारे गतिविधियों से हम लोग वाफिक हैं. आप से आग्रह किया जाता है कि कुछ दिन के लिए जगह छोड़ दे. आप नहीं माने तो जन अदालत में उसका फैसला लिया जायेगा. निवेदक में भाकपा माओवादी लिखा हुआ है. इधर सूचना मिलते ही गंगटा थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर पहुंचे और सभी पर्चा को अपने कब्जे में ले लिया है.
उन्होंने कहा कि यह असामाजिक तत्वों की करतूत लगती है. विशेष छानबीन की जा रही है. जल्द ही ऐसे असामाजिक तत्वों को खोज कर निकाल लिया जायेगा. विदित हो कि गंगटा क्षेत्र में कई वर्षों से नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह विराम लगा हुआ दिख रहा था. लेकिन काफी लंबे अरसे बाद चौक पर एक बार फिर पर्चा सटे होने से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त हो गया है.
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