कल से आरंभ होगा सावन का महीना, शिव की आराधना में लीन होंगे श्रद्धालु

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2019 7:36 AM

विज्ञापन

मुंगेर : भगवान भोलेनाथ शिव का महीना अर्थात श्रावण 17 जुलाई से आरंभ हो रहा है. इस बार इस माह में कई विशेष शुभ संयोग बनेंगे. जो हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इस बार चंद्र प्रधान नक्षत्र के कारण स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का त्योहार एक ही दिन होने का संयोग […]

विज्ञापन

मुंगेर : भगवान भोलेनाथ शिव का महीना अर्थात श्रावण 17 जुलाई से आरंभ हो रहा है. इस बार इस माह में कई विशेष शुभ संयोग बनेंगे. जो हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इस बार चंद्र प्रधान नक्षत्र के कारण स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का त्योहार एक ही दिन होने का संयोग बना है. वहीं इस बार 125 सालों बाद हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग है.

साथ ही नागपंचमी का शुभ पर्व भगवान शिव के विशेष दिन सोमवार को ही आ रहा है. सोमवार और नाग पंचमी दोनों ही दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है, इसलिए इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व है.
125 साल बाद बन रहा पंच महायोग का संयोग: एक अगस्त को हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग बन रहा है. यह संयोग लगभग 125 साल बाद आ रहा है. इस दिन पहला सिद्धि योग, दूसरा शुभ योग, तीसरा गुरु पुष्यामृत योग, चौथा सर्वार्थ सिद्धि योग और पांचवां अमृत सिद्धि योग का संयोग है.
पंच महायोग के संयोग में कुल देवी-देवता तथा मां पार्वती की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी. नागपंचमी के दिन चंद्र प्रधान हस्त नक्षत्र और त्रियोग का संयोग भी बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग और रवि योग अर्थात त्रियोग के संयोग में काल सर्प दोष निवारण के लिए पूजा करना फलदायी होगा.
स्वतंत्रता दिवस व रक्षाबंधन एक ही दिन: इस बार कई सालों के बाद 15 अगस्त को चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का संयोग बन रहा है. रक्षाबंधन के दिन राष्ट्रीय पर्व होने से देश भर में विशेष उमंग और उत्साह का वातावरण होगा.
स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की रात्रि नौ बजे के बाद पंचक शुरू हो रहा है, इसलिए इससे पूर्व राखी बंधवाना श्रेष्ठ होगा. हिंदू पंचांग के अनुसार 17 जुलाई को सूर्य प्रधान उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से सावन माह की शुरुआत हो रही है. इस दिन वज्र और विष कुंभ योग भी बन रहा है. इस बार पूरे 30 दिन का सावन है और इस दौरान 4 सोमवार आएंगे.
इसमें तीसरे सोमवार को त्रियोग का संयोग बन रहा है, जो विशेष फलदायी होगा. श्रावण मास के ग्रह नक्षत्र संकेत दे रहे हैं कि इस बार खंड वर्षा होगी. विभिन्न इलाकों में रुक-रुककर बारिश होगी. कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं कम बारिश होगी. 20 जुलाई को शुक्र ग्रह अस्त हो रहा है, जो 22 सितंबर तक रहेगा. इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करना निषेध है.
कब-कब होगी श्रावण सोमवारी
प्रथम श्रावण – 17 जुलाई
पहला सोमवार – 22 जुलाई
दूसरा सोमवार – 29 जुलाई
तीसरा सोमवार : 05 अगस्त
चौथा सोमवार – 12 अगस्त
श्रावणी पूर्णिमा -15 अगस्त
मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास के प्रथम दिन खरीदें ये 10 सामग्री
त्रिशूल : सावन मास के प्रथम दिन चांदी का त्रिशूल लाने से वर्ष भर आपदाओं से रक्षा होती है.
रुद्राक्ष : सुख, सौभाग्य और समृद्धि के लिए तथा मन की पवित्रता के लिए असली रुद्राक्ष को घर में लाएं या फिर घर में रखे रुद्राक्ष को चांदी में गढ़वा कर पहनें. यह आपके जीवन के लिए अत्यंत शुभ और समृद्धिदायक होगा.
डमरू : आरोग्य के लिए डमरू की ध्वनि असरकारक मानी गई है. सावन मास के प्रथम दिन इसे लाकर रखें और अंतिम दिन किसी बच्चे को यह डमरू उपहार में दें.
चांदी के नंदी : सावन मास के पहले दिन चांदी के नंदी को घर में लाकर माह भर पूजा करें तो यह आर्थिक संकटों से मुक्ति दिलाता है.
जल पात्र : सावन मास के प्रथम दिन गंगाजल लाकर घर में रखें और माह भर पूजन करें. यह धन के आगमन के लिए सबसे अधिक प्रभावी है.
सर्प : सावन मास के प्रथम दिन चांदी के नाग-नागिन के जोड़े को घर में लाकर रखें, हर दिन पूजन करें और सावन के अंतिम दिन उसे किसी शिव मंदिर में ले जाकर रख दें. यह प्रयोग आपको पितृ दोष और काल सर्प योग में राहत देता है.
चांदी की डिब्बी में भस्म : किसी भी शिव मंदिर से भस्म लाकर उसे नयी चांदी की डिब्बी में लाकर रखें, माह भर उसे पूजन में शामिल करें और बाद में तिजोरी में रख दें. बरकत के लिए यह अचूक प्रयोग है.
चांदी का कड़ा : सावन मास के पहले दिन चांदी का कड़ा लाकर रखने से तीर्थ यात्रा और विदेश यात्रा के शुभ योग बनते हैं.
चांदी का चंद्र या मोती : सावन मास के प्रथम दिन चांदी के चंद्र देव लाकर पूजन में रखें, अगर संभव हो तो सच्चा मोती भी ला सकते हैं. मोती चंद्र ग्रह की शांति करता है. साथ ही मन भी मजबूत होता है.
चांदी के बिल्व पत्र : चांदी का महीन बिल्वपत्र लाकर प्रतिदिन शिव जी को अर्पित करने से करोड़ों पापों का नाश होता है और घर में शुभ कार्यों का संयोग बनता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन