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माता-पिता को मिला आजीवन कारावास, पुत्र ने गंगा में लगायी छलांग

Updated at : 03 Aug 2018 9:47 PM (IST)
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माता-पिता को मिला आजीवन कारावास, पुत्र ने गंगा में लगायी छलांग

मुंगेर : माता-पिता, बहन व चाचा को हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद धीरज कुमार तनाव में था और उसने शुक्रवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड डीह गंगा घाट में कूद कर जान दे दिया. वह नौवागढ़ी बारिश टोला निवासी सजायाफ्ता हरिशचंद्र महतो का पुत्र था. वैसे […]

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मुंगेर : माता-पिता, बहन व चाचा को हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद धीरज कुमार तनाव में था और उसने शुक्रवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड डीह गंगा घाट में कूद कर जान दे दिया. वह नौवागढ़ी बारिश टोला निवासी सजायाफ्ता हरिशचंद्र महतो का पुत्र था. वैसे धीरज की बहन ज्योति का कहना है कि जिस मामले में माता-पिता को सजा हुआ है उसके परिजन रंजीत महतो ने अगवा कर उसके भाई को गंगा नदी में फेंक दिया. घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस डीह घाट पहुंच कर मामले की जांच कर रही है.

बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह धीरज माथा में गमछा बांध कर घूम रहा था. वह गंगा घाट पहुंचा और गमछा, हसिया एवं जूता खोल कर घाट किनारे रख दिया. जिसके बाद उसने गंगा में छलांग लगा दिया. यह खबर चारों ओर फैल गयी. घटना की सूचना पुलिस को भी दी गयी और पुलिस घाट पर पहुंच कर मामले की पड़ताल भी की. इसी दौरान नौवागढ़ी बारिश टोला निवासी धीरज की बहन ज्योति कुमारी, सोनम कुमारी और सत्यम कुमार तीनों भाई-बहन भी वहां पहुंचे. घाट पर रखे जूता एवं गमछा देख कर बताया कि वह समान उसके भाई धीरज का ही है. शव को खोजने के लिए स्थानीय व प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी है. गोताखोर और जाल गंगा में गिराया गया है. लेकिन शव नहीं मिल पाया है.

बहन ने लगाया हत्या का आरोप
संजय हत्याकांड में हरिश्चंद महतो एवं उसकी पत्नी अनिता देवी सहित चार परिजनों के आजीवन कारावास के सजा के बाद अब घर में दो बहन व दो भाई बचे. लेकिन धीरज अचानक गायब हो गया. बहन ज्योति का कहना है कि दो दिन पूर्व ही संजय हत्याकांड में उसके पिता हरिशचंद्र महतो, मां अनीता देवी, बहन जूली कुमारी एवं चाचा राजेश महतो को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है. जबकि मेरे भाई धीरज को न्यायालय द्वारा रिहा कर दिया गया था. मेरे भाई मां-पिता, बहन एवं चाचा को छुड़ाने के लिए पैसे का इंतजाम किया था. लेकिन सजा सुनाने के बाद से ही रंजीत महतो और उसका परिवार हमलोगों के जान का दुश्मन बन गया और हम चारों भाई-बहन को मारने के फिराक में था. शुक्रवार की सुबह रंजीत महतो, संजीत महतो, किरण देवी, चांदनी देवी मेरे घर पर आया और मेरे भाई को बुलाकर ले गया. लेकिन सुबह लगभग 9:30 बजे गांव के ही कुछ लोगों ने घर का दरवाजा खुलवाया और कहा कि तुम्हारे भाई ने गंगा में कूद कर आत्महत्या कर ली है. जिसके बाद हम तीनों भाई-बहन वहां पहुंचे. उसने कहा कि मेरे भाई को उनलोगों ने गंगा में फेंक कर हत्या कर दी गयी.

गौरतलब हो कि 10 नवंबर 2015 को रंजीत कुमार अपनी पत्नी व भाइयों के साथ दीपावली का बाजार कर घर वापस बारिशटोला लौट रहा था. नौवागढ़ी बजरंगबली चौक कार्तिक चुरा मिल के समीप जब वे लोग पहुंचे तो पहले से घात लगाये हरिश्चंद्र महतो, धीरज महतो, अनीता देवी, जूली कुमारी एवं राजेश महतो ने सभी को घेर लिया और धीरज महतो ने संजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. इस मामले में रंजीत कुमार के बयान पर मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 230/15 दर्ज किया गया था. इस मामले में सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपित हरिशचंद्र महतो, अनीता देवी, जूली कुमारी एवं राजेश महतो को हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह, सीओ भुवनेश्वर यादव डीह घाट पहुंचे. बरियारपुर से चारऔर मुफस्सिल से तीन गोताखोर को शव निकालने में लगाया गया है. सात घंटे बाद भी शव को बाहर नहीं निकाला जा सका था.

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