विलुप्त हो रहे फसलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता : निदेशक

कृषि विज्ञान केंद्र के अटल सभागार में पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी की शुरुआत मंगलवार से की गयी.
पीपराकोठी.स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के अटल सभागार में पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी की शुरुआत मंगलवार से की गयी. उद्घाटन मुख्य अतिथि अटारी पटना के निदेशक डाॅ अंजनी कुमार सिंह, डीएओ मनीष कुमार सिंह, केविके प्रमुख डाॅ अरविन्द कुमार सिंह, डीएचओ विकाश कुमार व आत्मा निदेशक धीर प्रकाश धीर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ, शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता केविके के प्रधान वैज्ञानिक डा अरविन्द कुमार सिंह ने किया.निदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा किसानी के क्रम में बहुत वैसे अनाज, फल, फूल एवं सब्जियों का उत्पादन करते थे जिसमें कुछ न कुछ औषधीय गुण हुआ करते थे. लेकिन समय के साथ उन फसलों का उत्पादन धीरे धीरे कम होने लगा. बहुत से लोग आज भी वैसे फसलों का उत्पादन किया करते हैं लेकिन इसकी जानकारी ना ही सरकार को हैं और ना ही विभाग को ही हैं. और उन विलुप्त हो रहे फसलों के बढ़ावा को लेकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं. केविके प्रमुख डा अरविन्द कुमार सिंह ने कहा यहां के किसान भी परम्परागत खेती किया करते हैं जो अपने उत्पाद के बीज को 500 ग्राम इस प्रदर्शनी को लाये. उसे उनके नाम से पैकिंग कर भेजा जायेगा और इस बेहतर उत्पाद वाले किसान को रॉययली के साथ प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा. मौके पर वैज्ञानिक डीएओ मनीष कुमार सिंह, डा आरबी शर्मा, राजेश्वर सिंह, जयशंकर सिंह, मनोरंजन सिंह, रामनरेश गिरी सहित अन्य वैज्ञानिक व किसान मौजूद थे.
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