Motihari: ब्रह्मांड का पहला शब्द मां है, जो प्रेम का प्रतीक है: रामाशंकर
Published by : AMRITESH KUMAR Updated At : 24 Dec 2025 5:35 PM
ब्रह्मलीन समर्थ गुरु मां कमला के पुण्यतिथि पर आयोजित ज्ञान यज्ञ सह ध्यान शिविर का समापन बुधवार को गुरु मां की आरती के साथ सम्पन्न हो गया.
Motihari: कल्याणपुर. रामाश्रम आध्यात्मिक आंतरिक सत्संग के तत्वावधान मे ब्रह्मलीन समर्थ गुरु मां कमला के पुण्यतिथि पर आयोजित ज्ञान यज्ञ सह ध्यान शिविर का समापन बुधवार को गुरु मां की आरती के साथ सम्पन्न हो गया. उक्त अवसर पर समर्थ गुरु रामाशंकर पाण्डेय जी ने कहा कि शरीर के लिये भोजन जरूरी है, वैसे ही आत्मा के लिये भजन जरूरी है. ब्रह्मांड का पहला शब्द मां है. जो प्रेम का प्रतीक है। शक्तियां तो सब के पास है, कोई उसका सदुपयोग करता है, तो कोई उसका दुरुपयोग करता है.विभिन्न प्रदेशों से आये आचार्य व सत्सगियों में मौसी मईया आभा पाण्डेय, प्रियंका सिंह, विष्णु दत्त, राजेन्द्र प्रसाद, आचार्य श्री नारायण सिंह, प्रदीप जयसवाल, बिनोद दूबे, हरिहर पाण्डेय, नरेन्द्र सिह, नन्हें सिंह, कमलेश सौरभ, कार्तिक कुमार, अनुप्रिया आदि मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










