टैक्सी सर्विस कस्टमर केयर के नाम पर साइबर ठगी, फर्जी ऐप से बैंक खाता खाली

Edited by Sarfaraz Ahmad
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प्रतीकात्मक AI तस्वीर

मोतिहारी में रैपिडो कस्टमर केयर के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है. फर्जी सपोर्ट ऐप डाउनलोड करवाकर साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 95 हजार रुपये उड़ा लिए. मामले की जांच साइबर थाना कर रहा है.

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मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट

Cyber Fraud: साइबर अपराधियों ने एक टैक्सी सर्विस कस्टमर केयर का कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति से 95 हजार रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने फर्जी कस्टमर सपोर्ट ऐप डाउनलोड करवाकर पीड़ित के मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बना ली. मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

कस्टमर केयर के नाम पर आया कॉल

साइबर थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार छोड़ादानो थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी मणिशंकर प्रसाद ने एक टैक्सी सर्विस ग्राहक सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया था. इसी दौरान एक अज्ञात नंबर से कॉल आया.

कॉल करने वाले ने खुद को एक टैक्सी सर्विस कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताते हुए समस्या समाधान का भरोसा दिया. कुछ देर बाद दूसरे नंबर से संपर्क कर एक कथित कस्टमर सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने को कहा गया.

ऐप डाउनलोड करते ही खाते से कट गए रुपये

पीड़ित ने निर्देशों का पालन करते हुए मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर लिया. इसके बाद उनका मोबाइल नियंत्रण से बाहर हो गया. कुछ ही देर में मोबाइल पर संदेश आया कि भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 95 हजार रुपये डेबिट कर लिए गए हैं.

ठगी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल बैंक शाखा से संपर्क कर खाते को होल्ड कराया और मोबाइल से जुड़े सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों को ब्लॉक करवा दिया.

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महिला के खाते में भेजी गई राशि

प्राथमिक जांच में पता चला कि ठगी की गई राशि एक महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है. इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. बाद में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है.

मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच

साइबर थाना की टीम मामले में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है. डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.

साइबर विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी का अधिकृत कस्टमर केयर कभी भी मोबाइल में थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने, स्क्रीन शेयर करने या बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहता.

लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या कॉल पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर थाना से संपर्क करें.

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Sarfaraz Ahmad

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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