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Bihar news : बिहार के किसान का बेटा Google व Apple के अधिकारियों को दे रहे कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग

Updated at : 14 Jan 2026 4:57 PM (IST)
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Bihar news : बिहार के किसान का बेटा Google व Apple के अधिकारियों को दे रहे कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग

कहते हैं कि जो चुपचाप मेहनत करता है, उसकी सफलता शोर मचाती है. कुछ ऐसा ही है शशि भूषण सिंह का जीवन. जिम कॉलिंस और शिवखेड़ा जैसे मोटिवेशनल गुरुओं को अपना मेंटर मानने वाले शशि भूषण सिंह आज कॉरपोरेट जगत का जाना-माना नाम बन गया है.

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Bihar news :अमरेश कुमार सिंह, मोतिहारी. कहते हैं कि जो चुपचाप मेहनत करता है, उसकी सफलता शोर मचाती है. कुछ ऐसा ही है शशि भूषण सिंह का जीवन. जिम कॉलिंस और शिवखेड़ा जैसे मोटिवेशनल गुरुओं को अपना मेंटर मानने वाले शशि भूषण सिंह आज कॉरपोरेट जगत का जाना-माना नाम बन गया है. देसी व विदेशी कंपनियों के सीइओ और सीएफओ समेत अन्य अधिकारियों को कॉरपोरेट कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग देते हैं. शशि भूषण सिंह की बात करें, तो वो ब्रिटिश काउंसिल से पढ़े हैं. गांधी की कर्मभूमि पूर्वी चंपारण के सुदूर गांव मधुबन के नौरंगीया के रहने वाले किसान परिवार से हैं. वह मैट्रिक व इंटर तक की पढ़ाई गांव व मोतिहारी से की, इसके बाद आंखों में सपने लेकर बिहार से दिल्ली आए और सीए की तैयारी शुरू की. मेहनती शशि भूषण का दिल्ली में कॉरपोरेट जगत से परिचय हुआ और इन्हें लगा कि बिना अंग्रेजी के काम आगे नहीं चलनेवाला है, इसलिए शशि भूषण ने अंग्रेजी में मास्टरी करने का निश्चय किया और ब्रिटिश काउंसिल में एडमिशन लिया. ब्रिटिश काउंसिल की फीस मंहगी होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी. कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी. इसलिए डटे रहे और इसमें शशि भूषण का साथ इनके पिता शंभू सिंह और माता बिंदू देवी ने दिया. बेटे को हौसला देते रहे. शशि भूषण ने छह साल तक ब्रिटिश काउंसिल में पढ़ाई की. अंग्रेजी के साथ पर्सनालिटी ट्रेनिंग में मास्टरी हासिल की और उस मुकाम पर पहुंच गए, जहां आज भारत ही नहीं ब्रिटेन के लोगों को भी पर्सनालिटी ट्रेनिंग दे रहे है. फॉर्च्यून 500 कंपनियों के अधिकारियों को दे रहा शिक्षा बड़े पैमाने पर युवाओं और प्रोफेसनल्स सहित कॉरपोरेट जगत को सेवा दे रहे हैं. शशि भूषण ने बताया कि प्रॉक्टर एंड गैंबल, डेलॉइट, पीएमजी, रिलायंस, गुगल और ऐप्पल जैसी कंपनियों के अधिकारियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. वो फार्च्यून 500 कंपनियों के अधिकारियों को ही ट्रेनिंग देते हैं. पॉडकास्ट शुभांकर मिश्रा और साउथ के फिल्मस्टार कृष्णा कुमार सहित देश के कई कदावर नेता उनके कोर्स को ज्वाइंन किया है. एसबीएमबी स्कूल ऑफ लैंग्वेज व वेरूएम इडजेक्टीव लीडरशिप की स्थापना यूपी के नोएडा सेक्टर टू और दिल्ली के लक्ष्मी नगर में इंस्टीट्यूट की स्थापना की है. जो ऑन लाइन और ऑफ लाइन दोनों की मोड में संचालित हो रहा है. शशि भूषण ने बताया कि हमने कॉरपोरेट ट्रेनिंग का कोर्स तैयार किया है, जिसमें एडवांस कम्युनिकेशन और कॉरपोरेट स्टेटजीज, लीडरशिप और प्रोफेशनल डेवलपमेंट के बारे में सिखाया जाता है. इसमें कॉरपोरेट के बड़े अधिकारियों को कंपनी में काम करने सहित कैसे खुद को आगे बढ़ाएं की ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें देश के अलावा विदेशों से भी कॉरपोरेट के अधिकारी जुड़ रहे हैं. 40 बिलियन का है मार्केट अंतराष्ट्रीय पटल पर कम्युनिकेशन लीडरशिप व प्रोफेशनल डेवलपमेंट का करीब 40 बिलियन का मार्केट कैप है. सर्वाधिक विदेशी ट्रेनर इस कारोबार से पैसा कमा रहे है. शशि भूषण ने बताया कि इस व्यवसाय से फिलहाल 25 लाख रुपये प्रतिमाह की कमाई कर रहे है. कहा कि मेरा लक्ष्य दूसरा जिम कॉलिंस बन सर्वाधिक मार्केट कैप पर कब्जा करना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATENDRA PRASAD SAT

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