36 साल बाद पंचायत परिसीमन को कैबिनेट की मंजूरी, मुखिया महासंघ ने जताई खुशी

प्रतीकात्मक तस्वीर
36 सालों के इंतजार के बाद बिहार सरकार ने पंचायतों के परिसीमन को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है. मुखिया महासंघ ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलेगी.
Bihar Panchayat Delimitation: बिहार सरकार द्वारा 36 वर्षों बाद पंचायतों के परिसीमन के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिए जाने पर मुखिया महासंघ ने खुशी जताई है. महासंघ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया.
स्थानीय स्वशासन को मिलेगी मजबूती
मुखिया महासंघ के प्रदेश सचिव सह मुखिया राजू बैठा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक और दूरदर्शी है. उनके अनुसार परिसीमन से स्थानीय स्वशासन व्यवस्था और मजबूत होगी तथा बढ़ती जनसंख्या और बदली हुई भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप पंचायतों का पुनर्गठन संभव हो सकेगा.
लंबे समय से उठ रही थी मांग
मुखिया महासंघ पूर्वी चंपारण के अध्यक्ष शशि भूषण सिंह ने कहा कि पंचायत परिसीमन महासंघ की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल था. सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर जनहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि नए परिसीमन से पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी.
जनप्रतिनिधियों ने किया फैसले का स्वागत
सरकार के इस निर्णय का स्वागत मुखिया आभा सिन्हा, विनोद सिंह कुशवाहा, किशोरी सहनी, शत्रुध्न साह, मदन मोहन दास, रामजन्म पासवान, राजेन्द्र बैठा और जितेन्द्र राम सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किया.
उन्होंने कहा कि पंचायतों के परिसीमन से स्थानीय प्रशासन को बदलती परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी.
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लेखक के बारे में
By सामंत कुमार गौतम
सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.
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