नीट यूजी परीक्षा में मोतिहारी की सोमया राज का जलवा, 1280वीं ऑल इंडिया रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान

नीट यूजी परीक्षा में मोतिहारी की सोमया राज का जलवा, 1280वीं ऑल इंडिया रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान
मोतिहारी की मेधावी छात्रा सोमया राज ने नीट यूजी परीक्षा में 1280वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है. जमला हाई स्कूल के प्राचार्य की बेटी सोमया ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है.
Somya Raj NEET: शहर के बेलबनवा की रहने वाली मेधावी छात्रा सोमया राज ने देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) में शानदार सफलता हासिल की है. उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और लगन की बदौलत इस बेहद कठिन परीक्षा को पास कर अपने परिवार, माता-पिता और पूरे मोतिहारी ज़िले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. सोमया राज ने नीट यूजी परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंकिंग (AIR) 1280 हासिल की है, जो उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा को दर्शाता है.
जमला हाई स्कूल के प्राचार्य की पुत्री हैं सोमया
सफलता की नई कहानी लिखने वाली सोमया राज जमला हाई स्कूल के सम्मानित प्राचार्य व बेलबनवा वार्ड नंबर-23 निवासी अजय कुमार की सुपुत्री हैं. सोमया बचपन से ही चिकित्सा क्षेत्र में जाकर देश सेवा करने और डॉक्टर बनने का बड़ा सपना संजोए हुए थीं. अपने इसी सपने को साकार करने के लिए वह राजस्थान के कोटा में रहकर पिछले कुछ समय से पूरी शिद्दत के साथ तैयारी कर रही थीं. उनकी इस बड़ी सफलता के बाद उनके घर और पूरे बेलबनवा क्षेत्र में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
फूफा कर्नल एके सिंह समेत शुभचिंतकों ने जताया हर्ष
सोमया की इस ऐतिहासिक गौरवमयी उपलब्धि से पूरे परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है. सोमया के फूफा राणा कर्नल एके सिंह सहित कई गणमान्य लोगों और रिश्तेदारों ने उनके घर पहुंचकर मिठाई खिलाई और हर्ष व्यक्त किया है. सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर पर उन्हें लगातार उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं मिल रही हैं. बेटी की इस बड़ी कामयाबी से माता-पिता की आंखें भी खुशी से छलक उठी हैं.
सेल्फ-स्टडी और सही मार्गदर्शन को बताया सफलता का मूलमंत्र
अपनी इस शानदार कामयाबी पर सोमया राज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर भावनात्मक सहयोग, कोटा के शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और अपनी नियमित सेल्फ-स्टडी (स्व-अध्ययन) को दिया है. उन्होंने कहा कि एकाग्रता और निरंतरता ही किसी भी परीक्षा को पास करने की असली कुंजी है. सोमया की यह शानदार सफलता मोतिहारी और आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गई है.
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