केस से नाम हटाने के लिए मांगे ₹32 हजार, नहीं माने तो कट्टा सटाकर दी धमकी और झूठे केस में फंसाने की बात… दो चौकीदारों पर FIR

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केस से नाम हटाने के लिए मांगे ₹32 हजार, नहीं माने तो कट्टा सटाकर दी धमकी और झूठे केस में फंसाने की बात… दो चौकीदारों पर FIR

Motihari News: मोतिहारी के आदापुर थाना क्षेत्र में शराब कांड से नाम हटाने के बदले 32 हजार रुपये रिश्वत लेने और कट्टा सटाकर धमकी देने के आरोप में दो चौकीदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है.

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Motihari News: पूर्वी चंपारण के आदापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चौकीदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. आरोप है कि दोनों ने शराब कांड में नाम हटाने के बदले 32 हजार रुपये रिश्वत ली. इतना ही नहीं, एक अन्य मामले में पैसे नहीं मिलने पर आवेदक को कट्टा सटाकर धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने की भी कोशिश की.

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एसपी के निर्देश पर हुई जांच

मोतिहारी पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आदापुर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने मामले की जांच की. जांच के बाद दोनों आरोपित चौकीदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

आरोपितों की पहचान भरत कुमार पासवान (चौकीदार 1/9) और हरिशंकर कुमार उर्फ ललन पटेल (चौकीदार 1/12) के रूप में हुई है.

शराब कांड में नाम नहीं डालने के बदले मांगी रिश्वत

पुलिस के अनुसार, आवेदक ने आदापुर थाने में आवेदन के साथ ऑडियो और वीडियो सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराए थे. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शराब के एक मामले में नाम नहीं जोड़ने के एवज में दोनों चौकीदारों ने 32 हजार रुपये की रिश्वत ली.

40 हजार नहीं देने पर कट्टा सटाकर धमकाने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक अन्य मामले में 40 हजार रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर आवेदक पर देसी कट्टा तान दिया गया. साथ ही उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी गई.

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इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में प्रथम दृष्टया आरोप सही मिले

थानाध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की गई. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस

मामले में आदापुर थाना कांड संख्या 231/26 दर्ज किया गया है. दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस का बयान

पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस व्यवस्था में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

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