Kabir Jayanti Champaran: संत कबीर का चंपारण से था गहरा लगाव, यहां मौजूद है देश का आठवां ऐतिहासिक कबीर स्तंभ

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बेलवतिया का कबीर‌ स्तंभ

Kabir Jayanti Champaran:पूर्वी चंपारण के बेलवतिया में स्थित बिहार के पहले कबीर स्तंभ और 600 साल पुराने हस्तलिखित बीजक ग्रंथ का कबीर दास के तीन महीने के ऐतिहासिक प्रवास से है गहरा नाता. जानिए पूरी खबर…

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मोतिहारी से इन्तेजारुल हक की रिपोर्ट

Kabir Jayanti Champaran:चंपारण से महान संत कबीर का गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंध रहा है.यहां उनके द्वारा दिए गए दर्शन और उनसे जुड़ी कई अमूल्य यादें व बीजक आज भी मौजूद हैं, जो चंपारण के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास का एक अनूठा हिस्सा हैं.पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी प्रखंड अंतर्गत जीवधारा के पास बेलवतिया गांव में 40 फुट ऊंचा ऐतिहासिक कबीर स्तंभ स्थित है.यह देश का आठवां और बिहार का पहला कबीर स्तंभ माना जाता है, जिसे सन 1875 में स्थापित किया गया था.

600 वर्ष पुराना हस्तलिखित ‘बीजक’ ग्रंथ है सुरक्षित

चंपारण के विभिन्न कबीर मठों और स्तूपों में आज भी 600 वर्ष से अधिक पुराना उनका हस्तलिखित ‘बीजक’ बीज ग्रंथ पूरी तरह सुरक्षित मौजूद है.चंपारण अंचल और समग्र बिहार की लोक-संस्कृति में भोजपुरी के आदि कवि माने जाने वाले संत कबीर के दोहे रचे-बसे हैं.कई स्थानीय विद्वानों और इतिहासकारों का मानना है कि उनकी दार्शनिक विचारधारा और साहित्य का इस क्षेत्र के जनमानस पर बहुत व्यापक प्रभाव रहा है.

कबीर दास ने किया था तीन महीने का प्रवास

बताया जाता है कि पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी इलाके के जीवधारा से सटे बेलवतिया में स्थित कबीर स्तंभ चमकीले व विशेष पत्थर से बना हुआ है.मान्यता है कि संत कबीर ने यहां आकर लगातार तीन माह तक प्रवास किया था और यहीं रहकर वे आसपास के अन्य क्षेत्रों का भ्रमण करते थे.बाद में उनके प्रिय अनुयायी केशव ने इस पावन स्थल पर एक भव्य मठ का निर्माण कराया.इस ऐतिहासिक स्तंभ का निर्माण महंथ रामस्नेही दास ने कराया था.मठ की ओर से प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी को तीन दिवसीय भव्य संत सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जिसमें देश भर के साधु-संत जुटते हैं.

चांदनी रात में अनोखी चमक बिखेरता है स्तंभ

इस स्तंभ की बनावट बेहद अनूठी है.शरद ऋतु या सामान्य दिनों में दूर से ही चांद की किरणें जब उक्त स्तंभ की जड़ में लगे संगमरमर के पत्थर से टकराती हैं, तो वह चमक उठती हैं.चांदनी रात का यह नजारा बेहद अद्भुत और देखने लायक होता है.समय-समय पर देश-विदेश के पर्यटक यहां आते हैं और कबीर साहेब के प्रवास से जुड़ी यादों को करीब से देखते हैं.

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सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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