अस्पतालों का मेडिकल कचरा जहां-तहां फेंका तो होगी कार्रवाई, डीएम ने एजेंसी को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

Author Intejarul haq|Edited by Aaruni Thakur
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डीएम सौरभ सुमन यादव

मोतिहारी में मेडिकल कचरा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी. जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संस्थानों को बायो-मेडिकल कचरे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. कचरा उठाने वाली एजेंसी को 15 दिनों में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी गई है.

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Motihari Biomedical Waste Management: सरकारी और निजी अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल कचरा अब जहां-तहां फेंकना भारी पड़ सकता है. जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में हुई जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में नियमों का पालन नहीं करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

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बैठक में सरकारी व निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लिनिक और पैथोलॉजी केंद्रों से निकलने वाले जैव चिकित्सा कचरे के निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की गई.

सामान्य कचरे में नहीं मिला सकेंगे मेडिकल वेस्ट

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के तहत मेडिकल कचरे का सुरक्षित तरीके से पृथक्करण और निस्तारण किया जाए.

अस्पताल और नर्सिंग होम मेडिकल कचरे को सामान्य ठोस कचरे के साथ नहीं मिला सकेंगे. इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अलग रखना और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना होगा.

अधिकृत एजेंसी से जुड़ना होगा जरूरी

सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सामूहिक जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार केंद्र से संबद्ध होकर नियमित रूप से मेडिकल कचरे का उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

इसके साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद से आवश्यक प्राधिकार जल्द प्राप्त करने को कहा गया है.

कचरा उठाने वाली एजेंसी को 15 दिन का अल्टीमेटम

समीक्षा के दौरान मेडिकल कचरा उठाने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई. एजेंसी को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में शत-प्रतिशत सुधार करने की चेतावनी दी गई है.

प्रशासन ने साफ किया कि निर्धारित समय में व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने की स्थिति में आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

कलर कोड से अलग करना होगा मेडिकल कचरा

अस्पतालों और नर्सिंग होम में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का पृथक्करण नियमावली में निर्धारित कलर कोड के अनुसार करना अनिवार्य होगा.

सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल समेत सभी चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए विशेष समिति गठित करने का भी निर्देश दिया गया है.

नियम तोड़े तो होगी कानूनी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 का पालन नहीं करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को चिह्नित किया जाए. ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक अब हर छह महीने में अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.


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