हेड एंड नेक कैंसर डे पर जागरूकता कार्यक्रम, डॉक्टर बोले- तंबाकू से दूरी ही सबसे बड़ा बचाव

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कार्यक्रम में उपस्थित डॉ आशुतोष शरण व अन्य | Prabhat Khabar Network

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ आशुतोष शरण व अन्य | Prabhat Khabar Network

वर्ल्ड हेड एंड नेक कैंसर डे के अवसर पर मोतिहारी में आयोजित कार्यक्रम में मुख और गर्दन के कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाने की सलाह दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि शुरुआती पहचान से इलाज संभव है.

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मोतिहारी: वर्ल्ड हेड एंड नेक कैंसर डे के अवसर पर बुधवार को शहर के शरण नर्सिंग होम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में चिकित्सकों ने लोगों को मुख और गर्दन के कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने, समय पर जांच कराने और तंबाकू उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह दी. विशेषज्ञों ने कहा कि समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए तो इसका इलाज संभव है.

शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण ने कहा कि मुख और गले का कैंसर धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करता है. कई बार शुरुआती जांच में रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद बीमारी मौजूद रहती है. ऐसे में गले में गांठ, मुंह में सफेद या काले धब्बे या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मरीज को प्रभावित करती है. इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका गुटखा, पान मसाला, तंबाकू और सिगरेट का सेवन पूरी तरह छोड़ना है.

एफएनएसी और एमआरआई से शुरुआती पहचान संभव

रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ गुप्ता ने बताया कि गले में गांठ होने पर सबसे पहले एफएनएसी जांच करानी चाहिए. जरूरत पड़ने पर एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और अन्य आधुनिक जांचों के माध्यम से कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान की जा सकती है. इससे इलाज आसान और अधिक प्रभावी हो जाता है.

तंबाकू उत्पादों के प्रचार पर रोक लगाने की मांग

लैप्रोस्कोपिक सर्जन एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल शरण ने कहा कि आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए भी नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है. उन्होंने सरकार से तंबाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से मुख और गले के कैंसर का सफल उपचार संभव है.

कैंसर से स्वस्थ हुए मरीजों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम के दौरान मुख कैंसर से स्वस्थ हो चुके संत कुमार, धीरज कुमार और संतोष कुमार ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने लोगों से तंबाकू और सिगरेट छोड़ने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की.


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हिमांशु कुमार

लेखक के बारे में

By हिमांशु कुमार

हिमांशु पिछले 11 वर्षों से समाचार लेखन, संपादन के कार्य में सक्रिय हैं. इन्हें प्रशासनिक खबरों, जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, खेल, बाजार तथा विभिन्न सामाजिक एवं संस्थागत गतिविधियों पर सटीक और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करने में विशेष रुचि है.

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