बिहार स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: जेल से छूटे छात्रों ने सुनाई अंदर की कहानी, बोले- जेल एक तरह की यूनिवर्सिटी है, बहुत कुछ सीखने को मिला

Updated:
विज्ञापन

प्रभात खबर से बातचीत करते जेल से निकले छात्र

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Bihar Students Protest: NEET पेपर लीक के विरोध में आंदोलन के बाद जेल से रिहा हुए छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए हैं. कई छात्रों ने जेल को 'यूनिवर्सिटी' बताया, जहां उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला. रिहाई के बाद उन्होंने आगे के आंदोलनों की भी चेतावनी दी है.

विज्ञापन

Bihar Students Protest: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के बाद गिरफ्तार किए गए छात्रों की अब एक-एक कर जेल से रिहाई हो रही है. बुधवार को कई छात्र बेऊर जेल से बाहर आए. सुबह से ही उनके परिजन और साथी जेल के बाहर इंतजार कर रहे थे. रिहाई के बाद छात्रों ने प्रभात खबर के पत्रकार राजकमल से बातचीत में जेल के अंदर के अनुभव शेयर किए. किसी ने जेल को "यूनिवर्सिटी" बताया तो किसी ने कहा कि वहां उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया.

विज्ञापन

'जेल बहुत कुछ सिखाता है, यह एक तरह की यूनिवर्सिटी है'

जेल से बाहर आए छात्र अमन कुमार लाल ने बताया कि वह करीब एक सप्ताह तक जेल में बंद रहे. उन्होंने कहा कि जेल एक तरह की यूनिवर्सिटी है, जहां बहुत कुछ सीखने को मिलता है. अमन ने बताया कि जेल के अंदर खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी थी. उन्होंने जेल को सुधार गृह बताते हुए कहा कि वहां कई चीजें सीखने का मौका मिला.

हालांकि उन्होंने सरकार पर भी निशाना साधा. उनका कहना था कि अगर भविष्य में छात्रों पर फिर से बर्बरता हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से बदलाव नहीं आएगा, पूरे सिस्टम में बदलाव जरूरी है.

'हम छात्र हैं, इसलिए हमारे साथ अच्छा व्यवहार हुआ'

छात्र साकीब ने बताया कि वह आठ दिनों तक जेल में रहे. उनके मुताबिक, जेल प्रशासन और अन्य लोगों को पता था कि वे छात्र हैं. इसलिए उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया. उन्होंने कहा कि सिस्टम बदलने से पहले लोगों को खुद में भी बदलाव लाना होगा.

'अखबार से मिली इस्तीफे की खबर, खुशी हुई'

छात्र नैतिक ने बताया कि उन्हें 24 जुलाई को जेल भेजा गया था. उन्होंने कहा कि अंदर छात्रों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन सभी का व्यवहार अच्छा रहा.

वहीं सोनू कुमार ने बताया कि जेल के अंदर रोज अखबार आता था. अखबार पढ़कर उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि यह खबर पढ़कर उन्हें खुशी हुई और लगा कि उनका आंदोलन बेकार नहीं गया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

छात्र नेता आशीष का हुआ स्वागत, प्रभात खबर की सराहना

दिशा संगठन के छात्र नेता आशीष भी जेल से रिहा हुए. उनके स्वागत के लिए छात्र ढोल, माला और फूल लेकर पहुंचे थे. जेल के बाहर समर्थकों ने उनका स्वागत किया. कई परिजनों ने प्रभात खबर की कवरेज की भी सराहना की.

FIR पर नया विवाद, रूस में मौजूद छात्र ने उठाए सवाल

इस बीच छात्र आंदोलन से जुड़ी FIR को लेकर नया विवाद भी सामने आया है. किशनगंज जिले के सतमेरी कुलभिटा पंचायत निवासी मोहम्मद सदाकत कोनन राही ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है.

उन्होंने दावा किया कि वह पिछले चार महीने से रूस में हैं. जिस दिन बहादुरगंज में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुआ, उस दिन भी वह रूस में ही थे.

छात्र का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के बावजूद उसका नाम FIR में जोड़ दिया गया. उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और FIR की समीक्षा करने की मांग की है.

Also Read: बिहार स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट: 'मैं रूस में हूं, प्रदर्शन में शामिल नहीं था'... फिर FIR में मेरा नाम कैसे आया? छात्र ने वीडियो जारी कर उठाए सवाल



आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन