रिश्ता टूटा, आस्था नहीं, तलाक के बाद भी तीज का व्रत नहीं छोड़ रहीं पटना की महिलाएं, भावुक कर देगी कहानी
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Teej Fast After Divorce : तलाक के बाद भी तीज का व्रत जारी रखने वाली पटना की महिलाओं की अनूठी कहानियां सामने आई हैं. ये महिलाएं अपने पूर्व पतियों के लिए आस्था और संस्कृति के चलते निर्जला व्रत रख रही हैं. इनकी अटूट श्रद्धा आपको भावुक कर देगी.
Teej Fast After Divorce : हरतालिका तीज को आमतौर पर सुहागिन महिलाओं के कठिन निर्जला व्रत और पति की लंबी उम्र की कामना से जोड़ा जाता है. लेकिन पटना में कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं, जिनका वैवाहिक रिश्ता वर्षों पहले कानूनी रूप से खत्म हो चुका है. इसके बावजूद उन्होंने तीज की परंपरा नहीं छोड़ी. किसी के तलाक को छह साल हुए, तो कोई नौ साल से पूर्व पति के लिए व्रत रख रही है.
अदालत में खत्म हुआ रिश्ता, आस्था आज भी कायम
शादी का रिश्ता अदालत की दहलीज पर खत्म हो सकता है, लेकिन आस्था की डोर हर किसी के लिए उसी तरह खत्म हो, यह जरूरी नहीं. पटना में हरतालिका तीज पर ऐसी महिलाओं की कहानियां सामने आती हैं, जिन्होंने तलाक के बाद भी इस पर्व की परंपरा को जारी रखा है. उनके लिए तीज केवल वैवाहिक रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही आस्था और संस्कृति का हिस्सा है.
छह साल पहले तलाक, फिर भी सीमा का संकल्प कायम
सीमा का तलाक हुए छह साल बीत चुके हैं. इसके बावजूद वह हर साल हरतालिका तीज पर अपने पूर्व पति की लंबी उम्र और सलामती की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं. उनका कहना है कि कानूनी रूप से रिश्ता खत्म हो गया, लेकिन उनके मन में शादी के समय लिये गये वचन और तीज की आस्था आज भी बनी हुई है.
धमकियों के बीच भी नहीं छोड़ी परंपरा
सीमा के मुताबिक पूर्व पति से मिली जान से मारने की धमकी के बाद वह अपनी पहचान और ठिकाने को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं. इसके बावजूद तीज के दिन उनका संकल्प नहीं बदलता. वह कहती हैं कि पति का साथ भले छूट गया हो, लेकिन उनकी आस्था और परंपरा नहीं बदली है.
2012 में शादी, 2022 में हुआ तलाक
मूल रूप से आरा की रहने वाली आरती सिन्हा फिलहाल कंकड़बाग में किराये के मकान में रहती हैं. उनकी शादी 2012 में हुई थी. आरती के अनुसार, शादी के कुछ वर्षों बाद पति के अत्याचार और मारपीट को लेकर विवाद बढ़ा और मामला अदालत तक पहुंचा. आखिरकार 2022 में दोनों का तलाक हो गया.
तलाक के चार साल बाद भी जारी है निर्जला व्रत
तलाक के चार साल बाद भी आरती ने हरतालिका तीज का व्रत नहीं छोड़ा है. वह आज भी पूरे नियम और संयम के साथ निर्जला उपवास रखती हैं और विधि-विधान से पूजा करती हैं. उनके लिए वैवाहिक रिश्ता भले ही खत्म हो चुका है, लेकिन पूर्व पति के लिए मन में शुभकामनाएं आज भी हैं.
आरती के लिए तीज संस्कृति का हिस्सा
आरती कहती हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता खत्म होने के बाद भी मन से दुआएं खत्म नहीं हुईं. उनके लिए तीज आज भी वही पावन पर्व है, जिसे वह शादी से पहले और शादी के बाद से आस्था के साथ मनाती रही हैं. इसी वजह से तलाक के बाद भी उन्होंने इस परंपरा को जारी रखने का फैसला किया.
पूर्व पति ने दूसरी शादी की, मीना ने नहीं छोड़ा व्रत
पटना के पास परसा की रहने वाली मीना सोनी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उनका तलाक हुए करीब नौ वर्ष हो चुके हैं. तलाक के बाद उनके पूर्व पति ने दूसरी शादी कर ली. इसके बावजूद मीना ने हरतालिका तीज का व्रत रखना बंद नहीं किया.
नौ साल से 24 घंटे निर्जला रहकर कर रहीं पूजा
मीना हर साल तीज के अवसर पर करीब 24 घंटे निर्जला रहकर पूजा-अर्चना करती हैं. वह विधि-विधान से पर्व मनाती हैं और अपनी परंपरा को निभाती हैं. उनके लिए यह व्रत केवल वैवाहिक रिश्ते की स्थिति पर निर्भर नहीं है.
मीना के लिए तीज बचपन की संस्कृति
मीना का कहना है कि तीज सिर्फ पति की लंबी उम्र की कामना का पर्व नहीं है. यह उनके लिए बचपन से आत्मा में रची-बसी संस्कृति और आस्था का हिस्सा है. इसी वजह से रिश्ता टूटने के बाद भी उन्होंने इस परंपरा को अपने जीवन से अलग नहीं किया.
इन कहानियों में दिखता है आस्था का अलग रूप
सीमा, आरती और मीना की कहानियां एक ही बात की ओर इशारा करती हैं कि धार्मिक परंपराओं से जुड़ाव हर व्यक्ति के लिए अलग अर्थ रख सकता है. इन महिलाओं के लिए तलाक ने वैवाहिक रिश्ते को जरूर बदला, लेकिन तीज के प्रति उनकी व्यक्तिगत आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को नहीं बदला.
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