सदर अस्पताल में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र खुला

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सदर अस्पताल में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र खुला

सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र खुला है. जहां लोगों को गर्भनिरोधक दवाएं मिलेगी. इसका उद्घाटन सोमवार को सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव ने किया.

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मोतिहारी. सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र खुला है. जहां लोगों को गर्भनिरोधक दवाएं मिलेगी. इसका उद्घाटन सोमवार को सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव ने किया. सीएस ने कहा कि परामर्श केंद्र का उदेश्य परिवार नियोजन के प्रति योग्य दंपतियों को जागरूक करना, परामर्श उपलब्ध करना और बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाने का प्रयास है.

इन लाभ को आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल में ओपीडी के बाहर भी महिला को बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी के बारे में जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाकर परामर्श दिया जा रहा है. जिसमें लोगों को परिवार नियोजन के अस्थायी संसाधन जैसे कंडोम, माला, छाया, अंतरा, गर्भनिरोधक दवाएं वितरित की जा रही है. मौके पर डीएस डॉ विजय कुमार, एसीएमओ डॉ गंगाधर तिवारी, डीपीएम ठाकुर विश्व मोहन, डीसीएम नंदन झा, सदर अस्पताल प्रबंधक कौशल दुबे उपस्थित रहे.

सही समय पर विवाह के साथ तीन का अंतर जरूरी

युवक युवतियों का सही समय पर विवाह होना चाहिए एवं दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर होना जरूरी है. इसके लिए जिले की आशा द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है. सास बहू सम्मेलन कराया जा रहा है.इनमें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बैनर, पोस्टर, माइकिंग द्वारा लोगों को सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, बच्चों के बीच सही अंतर व छोटा परिवार के लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है. गर्भनिरोधक उपायों को अपनाने हेतु भी परामर्श दिया जा रहा है। सभी 27 प्रखंडो के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर परिवार नियोजन सेवाओं के तहत् प्रदान की जाने वाली सेवा यथा- कॉपर-टी, गर्भनिरोधक सूई/ एमपीए बंध्याकरण एवं नसबंदी की सेवा प्रदान करने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

पुरुष नसबन्दी भी है आसान

डीएस डॉ विजय कुमार, एसीएमओ गंगाधर तिवारी ने कहा कि सदर अस्पताल के साथ ही जिले सरकारी अस्पतालों में महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी निःशुल्क कराई जाती है. कहा कि महिला बंध्याकरण से पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया सरल है. छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है. नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपए एवं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2000 रुपए की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है.

डीएस डॉ विजय कुमार, एसीएमओ गंगाधर तिवारी ने कहा कि सदर अस्पताल के साथ ही जिले सरकारी अस्पतालों में महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी निःशुल्क कराई जाती है. कहा कि महिला बंध्याकरण से पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया सरल है. छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है. नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपए एवं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2000 रुपए की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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