Fake Visa Scam: विदेश भेजने के नाम पर 14 युवकों से ₹4.38 लाख की ठगी, वीजा-टिकट निकले फर्जी

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Fake Foreign Visa Scam: मोतिहारी के लक्ष्मीपुर गांव के 14 युवकों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹4.38 लाख की साइबर ठगी. गूगल से नंबर निकाल कलमुद्दीन और उसके साथियों ने दिए फर्जी वीजा-टिकट, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज.

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मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट

Fake Foreign Visa Scam: पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत लक्ष्मीपुर गांव से साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां विदेश में नौकरी पाने की चाहत रखने वाले 14 बेरोजगार युवकों को शातिरों ने अपनी ठगी का शिकार बनाया है. फर्जी वीजा और हवाई टिकट थमाकर आरोपियों ने युवकों से लाखों रुपये ऐंठ लिए.

घटना को लेकर ठगी के मुख्य शिकार जावेद अंसारी ने साइबर थाने में एक महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है.

गूगल (Google) से मिला था कथित एजेंट का नंबर

बेरोजगारी से तंग आकर लक्ष्मीपुर निवासी जावेद अंसारी विदेश में नौकरी की तलाश में थे. एजेंट खोजने के लिए जब उन्होंने गूगल पर सर्च किया, तो उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला. उस नंबर पर संपर्क करने पर उनकी बात कमलद्दीन (कलमुद्दीन) नाम के एक व्यक्ति से हुई. कलमुद्दीन ने खुद को एक बड़ा एजेंट बताते हुए विदेश में अच्छी नौकरी और प्रामाणिक वीजा दिलाने का झांसा दिया और पूरा भरोसा जीत लिया.


14 युवकों से वसूले पैसे, खातों में किए ट्रांसफर

जावेद के झांसे में आने के बाद उनके जानने वाले 14 अन्य युवक भी विदेश जाने के लिए तैयार हो गए. कलमुद्दीन ने प्रति युवक 55-55 हजार रुपये की मांग की थी, जिसके एवज में सभी ने 45-45 हजार रुपये जावेद को इकट्ठा करके दिए. जावेद ने एजेंट के बताए अनुसार अलग-अलग तीन बैंक खातों में कुल ₹4.38 लाख ट्रांसफर कर दिए.

लेनदेन और आरोपियों का पूरा विवरण:

खाताधारक/आरोपी का नामट्रांसफर की गई राशिकेस में भूमिका
कमलद्दीन (कलमुद्दीन)₹3,43,000मुख्य आरोपी / कथित मुख्य एजेंट
सहनाज खातून₹75,000सहयोगी आरोपी (महिला)
समीन अहमद (समीम)₹20,000सहयोगी आरोपी
कुल ठगी की रकम₹4,38,00014 पीड़ितों से एकत्रित राशि

PNR और वीजा जांच में खुला फर्जीवाड़ा

पैसे ट्रांसफर होने के बाद बात यहीं खत्म नहीं हुई. कथित एजेंट पेपर तैयार करने के नाम पर और पैसों की डिमांड करने लगा. शक होने पर जावेद ने एजेंट द्वारा दिए गए पीएनआर (PNR) नंबर पर डॉक्यूमेंट्स और टिकट चेक किए, तो सभी कागजात पूरी तरह फर्जी पाए गए. जब उन्होंने वीजा की प्रामाणिकता की जांच की, तो वह भी फर्जी निकला.

ठग ने फोन पर दी खुली धमकी: जब जावेद ने मोबाइल पर कलमुद्दीन से फर्जी कागजात को लेकर सवाल किया, तो वह अपने असली रूप में आ गया. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा, “तुम सब विदेश जाने के नाम पर ऐसी ही ठगी के शिकार होते रहोगे. जहां कंप्लेंट करना है करो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ने वाला.” इस बातचीत के बाद से आरोपियों ने फोन रिसीव करना बंद कर दिया है.


साइबर पुलिस छानबीन में जुटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना के इंस्पेक्टर राजीव सिन्हा ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है. पुलिस की तकनीकी टीम बैंक खातों के विवरण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साइबर बदमाशों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुटी है.

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Aaruni Thakur

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