मोतिहारी में DEO के निरीक्षण में सरकारी स्कूल की खुली पोल, 10% छात्र मिले मौजूद
मोतिहारी में DEO का सरकारी स्कूल में निरीक्षण
मोतिहारी के एक सरकारी स्कूल में जिला शिक्षा पदाधिकारी के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई. छात्रों की बेहद कम उपस्थिति, गंदगी, बंद प्रयोगशालाएं और मध्याह्न भोजन में गंभीर खामियां सामने आईं.
Motihari School News: मोतिहारी के एक सरकारी विद्यालय में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आई हैं. विद्यालय में छात्रों की बेहद कम उपस्थिति, गंदगी, बंद प्रयोगशालाएं, खराब मध्याह्न भोजन और वित्तीय अनियमितताओं जैसी कई कमियां मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा है. तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
DEO और DPO ने किया था औचक निरीक्षण
जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरि और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने 3 अगस्त को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था. निरीक्षण के आधार पर 6 अगस्त को जारी पत्र में विद्यालय में पाई गई अनियमितताओं का विस्तृत उल्लेख करते हुए प्रधानाध्यापक को जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
सिर्फ 10 प्रतिशत छात्र मिले उपस्थित
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विद्यालय में कुल नामांकित छात्रों के मुकाबले केवल 10 प्रतिशत छात्र ही उपस्थित मिले. अधिकारियों ने इसे गंभीर शैक्षणिक लापरवाही माना है और उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है.
स्कूल परिसर में गंदगी, लैब और कंप्यूटर कक्ष बंद
अधिकारियों को विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी मिली. अधिकांश शौचालय बंद थे और जो एक शौचालय खुला था, उसकी स्थिति भी बेहद खराब थी. दीवारों पर पान और गुटखे के निशान पाए गए. इसके अलावा विज्ञान प्रयोगशाला, अन्य लैब और कंप्यूटर कक्ष लंबे समय से बंद मिले, जिससे छात्रों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा था. विद्यालय में रखे संगीत वाद्य यंत्र भी अलमारी में बंद धूल खाते मिले.
खेल सामग्री गायब, कैश बुक भी नहीं दिखाई
निरीक्षण में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत भी मिले. अधिकारियों ने पाया कि खेलकूद मद की राशि की निकासी हो चुकी है, लेकिन विद्यालय में कोई खेल सामग्री उपलब्ध नहीं थी. वहीं, प्रभार नहीं सौंपे जाने के कारण छात्र कोष और विकास कोष की कैश बुक भी निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं की जा सकी.
मिड-डे मील और बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल
विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई. इसके अलावा कक्षाओं के बिजली बोर्ड टूटे मिले, पर्याप्त पंखे और बल्ब नहीं थे तथा कई कमरों में मधुमक्खियों के छत्ते और मकड़ी के जाले लगे थे. वॉटर स्टेशन पर एक भी नल नहीं मिला.
शिक्षा विभाग ने इन सभी कमियों को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और गंभीर प्रशासनिक व वित्तीय लापरवाही मानते हुए प्रधानाध्यापक को तीन दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने और तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है.
यह भी पढे़ं: मोतिहारी में बनेगा नया औद्योगिक हब, 105 एकड़ में लगेंगे फूड प्रोसेसिंग उद्योग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By अमृतेश कुमार
अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










