जंगल से बाहर वन्यजीवों का हमला पड़ा भारी तो सरकार देगी राहत, मौत पर मिलेंगे 10 लाख

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

जंगलों से रिहायशी इलाकों में घुस रहे वन्यजीवों के हमलों से अब बिहार सरकार पीड़ितों को आर्थिक सहायता देगी. जानें नई राहत योजना के तहत मौत पर 10 लाख रुपये तक का मुआवज़ा और अन्य लाभ कैसे पाएं.

विज्ञापन

Motihari News: जंगलों से निकलकर रिहायशी और आबादी वाले इलाकों में पहुंचने वाले वन्यजीवों के हमले से होने वाले जान-माल के नुकसान को लेकर बिहार सरकार ने राहत की नई व्यवस्था लागू की है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाली क्षति के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. मानव-वन्यजीव संघर्ष को राहत योजना के दायरे में शामिल करते हुए मुआवजे की राशि और आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है.

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर अब मिलेगी आर्थिक सहायता

जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बाघ, तेंदुआ, हाथी समेत अन्य वन्यजीवों के जंगलों से निकलकर गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ी हैं. ऐसे मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों में आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है.

मौत पर आश्रितों को मिलेंगे 10 लाख रुपये

विभागीय गाइडलाइन के अनुसार वन्यजीव के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी. वहीं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज एवं राहत के लिए 1.44 लाख रुपये तथा सामान्य रूप से घायल व्यक्ति को 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है.

पशुधन के नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा

हाथी या अन्य वन्यजीवों के हमले में दुधारू पशु, बैल, बकरी, भेड़ अथवा अन्य पालतू पशुओं की मौत होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. वन विभाग की टीम घटना और नुकसान का आकलन कर सहायता की प्रक्रिया पूरी करेगी.

मकान और फसल के नुकसान पर भी सहायता

वन्यजीवों के हमले से रिहायशी मकान टूटने, फसल नष्ट होने या अन्य निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की स्थिति में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है. नुकसान का आकलन वन विभाग की टीम द्वारा किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

मानव क्षति की सूचना 24 घंटे में देना जरूरी

किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की स्थिति में घटना की सूचना 24 घंटे के भीतर निकटतम वन प्रक्षेत्र, वन प्रमंडल कार्यालय और संबंधित थाना को देना अनिवार्य होगा. इससे राहत और मुआवजे की प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सकेगी.

पालतू पशु मारे जाने पर प्राथमिकी जरूरी

पालतू पशु के वन्यजीव के हमले में मारे जाने की स्थिति में संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य होगा. पशु मालिक को 24 घंटे के भीतर निकटतम वन प्रक्षेत्र या वन प्रमंडल कार्यालय को भी सूचना देनी होगी. वन अधिकारी के घटनास्थल पर जांच करने के बाद ही मृत पशु के शव को हटाने की अनुमति होगी.

फसल और मकान क्षति की सूचना दो दिनों में दें

वन्यजीवों द्वारा फसल या मकान को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति में दो दिनों के भीतर वन प्रक्षेत्र कार्यालय या अंचल अधिकारी के कार्यालय को सूचना देना जरूरी होगा. आवेदन के साथ संबंधित जमीन के दस्तावेज और लगान रसीद की प्रति भी संलग्न करनी होगी.

यह भी पढ़ें: पश्चिम चंपारण में स्कूल बना तालाब, गंदे पानी से होकर पढ़ने पहुंच रहे बच्चे


विज्ञापन
Intejarul Haq

लेखक के बारे में

By Intejarul Haq

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन