ePaper

Motihari : जैव ईंधन में है जलवायु परिवर्तन समस्या का समाधान

Updated at : 06 Dec 2025 5:57 PM (IST)
विज्ञापन
Motihari : जैव ईंधन में है जलवायु परिवर्तन समस्या का समाधान

जलवायु परिवर्तन के लिए जैव प्रौद्योगिकी के उत्तर विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया.

विज्ञापन

एमएस कॉलेज में जैव प्रौद्योगिकी पर व्याख्यान आयोजित

मोतिहारी. एमएस कॉलेज के बॉटनी विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हरित ईंधन, स्वच्छ भविष्य: जलवायु परिवर्तन के लिए जैव प्रौद्योगिकी के उत्तर विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया. कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मयंक कपिला, समन्वयक आईक्यूएसी तथा डा. सफिकुर रहमान, विभागाध्यक्ष–वनस्पति विज्ञान विभाग ने किया. स्वागत भाषण प्राचार्य प्रो. एमएन हक़ ने प्रस्तुत किया. मुख्य वक्ता के रूप में डा. सैयद शम्स यज़दानी, अंतरराष्ट्रीय आनुवंशिक अभियंत्रण एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र नई दिल्ली से उपस्थित रहे.उन्होंने बताया कि विश्व प्रतिवर्ष लगभग 35 अरब मैट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन कर रहा है, और यह प्रवृत्ति निरंतर बढ़ रही है. उन्होंने सीओपी -2015 में लिए गए उस संकल्प की चर्चा की जिसमें कहा गया था कि औद्योगिकीकरण-पूर्व स्तर से तापमान में वृद्धि दो प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए, परंतु वर्तमान में यह सीमा पार हो चुकी है. डा. यज़दानी ने चेताया कि बढ़ते तापमान के कारण वेक्टर पारिस्थितिकी में बदलाव आ रहा है, और लगभग दस हजार वायरस ऐसे हैं जो जंगलों से समाज में फैलने के लिए तैयार हैं. यदि केवल एक कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को ठहरा दिया, तो कल्पना कीजिए यदि मात्र दस प्रतिशत वायरस समाज में प्रवेश कर जाएँ तो क्या स्थिति बनेगी. उन्होंने कहा कि जैव ईंधन में जलवायु परिवर्तन समस्या का समाधान है क्योंकि पारंपरिक कार्बन ईंधन की तुलना में जैव ईंधन पर्यावरण में अतिरिक्त कार्बन नहीं जोड़ता. उन्होंने बायोफ्यूल्स की चार पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहली पीढ़ी खाद्यान्न स्रोतों से, दूसरी गैर-खाद्य स्रोतों से, तीसरी एल्गी/लिपिड आधारित और चौथी पीढ़ी दक्ष एल्गी की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है. वर्तमान में हम दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधनों का प्रयोग कर रहे हैं.आने वाले समय में यह और परिष्कृत होगी और जलवायु परिवर्तन को रोकने में अहम योगदान देगी.कार्यक्रम में डा. नरेंद्र सिंह, डा. अमित कुमार, डा. चित्रलेखा, डा. अभय, डा. सतीश तथा अरविंद कुमार आदि शिक्षक उपस्थित थे.धन्यवाद ज्ञापन डा. मयंक कपिला ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMRITESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AMRITESH KUMAR

AMRITESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन