रक्सौल का जाम बना मुसीबत, सायरन बजाती रही 112 की गाड़ी और एंबुलेंस भी नहीं निकल सकी

Updated:
विज्ञापन
रेलवे गुमटी के पास जाम में फंसी 112 वाहन व एम्बुलेंस | Prabhat Khabar Network

रेलवे गुमटी के पास जाम में फंसी 112 वाहन व एम्बुलेंस

रक्सौल की ट्रैफिक व्यवस्था रविवार को पूरी तरह चरमरा गई, जिससे बाटा चौक से कस्टम चौक तक लंबा जाम लग गया. उमस भरी गर्मी में आम लोगों के साथ-साथ 112 आपातकालीन सेवा और एंबुलेंस भी फंस गई.

विज्ञापन

Traffic Jam Raxaul: शहर में रविवार को एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. बाटा चौक से कस्टम चौक तक लगे भीषण जाम में आम लोगों के साथ एंबुलेंस और 112 आपातकालीन सेवा की गाड़ी भी फंस गई. उमस भरी गर्मी में लोग घंटों सड़क पर परेशान रहे, जबकि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

जाम के दौरान वाहनों के लगातार बजते हॉर्न और सायरन भी यातायात को सामान्य नहीं कर सके.

सायरन बजता रहा, लेकिन नहीं मिला रास्ता

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 112 आपातकालीन सेवा की गाड़ी काफी देर तक सायरन बजाती रही, लेकिन आगे बढ़ने के लिए रास्ता नहीं मिला.

आखिरकार पुलिस पदाधिकारी को वाहन से उतरकर खुद सड़क पर यातायात व्यवस्थित करना पड़ा. वह बाइक और अन्य वाहन चालकों से अपनी-अपनी लेन में चलने और रास्ता खाली करने की अपील करते नजर आए.

एंबुलेंस भी जाम में फंसी

इसी दौरान मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई. आपातकालीन वाहनों का समय पर नहीं निकल पाना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हालात किसी भी आपात स्थिति में बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं.

आखिर क्यों लगता है रक्सौल में रोज जाम?

स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में लगातार लग रहे जाम के पीछे कई कारण हैं. इनमें प्रमुख हैं—

  • सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण और दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैलाना.
  • मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा, टांगा और अन्य वाहनों का अव्यवस्थित परिचालन.
  • वाहन चालकों द्वारा लेन अनुशासन का पालन नहीं करना.
  • सड़क किनारे अवैध पार्किंग.
  • रेलवे ढाला लंबे समय तक बंद रहने से अचानक बढ़ने वाला ट्रैफिक दबाव.
  • ढाला के पास ई-रिक्शा की कई कतारें लग जाना.
  • प्रमुख चौक-चौराहों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन का अभाव.
  • सड़क पर सवारी चढ़ाने-उतारने के लिए बीच रास्ते वाहन रोक देना.

स्थायी समाधान की मांग

शहरवासियों का कहना है कि केवल समय-समय पर अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा.

लोगों ने नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने, ई-रिक्शा और टांगा संचालन को व्यवस्थित करने, अवैध पार्किंग पर सख्ती करने और ट्रैफिक नियमों का प्रभावी पालन कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी जाम का सामना न करना पड़े.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन