पशुपति पारस और चिराग पासवान का मिलना मुमकिन नहीं, बोले आरएलएसपी के अध्यक्ष- मैं हाजीपुर से ही लड़ूंगा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2023 7:21 PM
रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि 2024 लोकसभा का चुनाव मैं हाजीपुर से ही लड़ूंगा. हाजीपुर की जनता की मांग है. यहां के लोगों के साथ मेरा सुख- दुख का नाता रहा है.
पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को 18 जुलाई को नई दिल्ली में एनडीए की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण मिला है. इसके बाद एलजेपी के दूसरे गुट के बीच कलह एक बार फिर सामने आ गई है. रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि 2024 लोकसभा का चुनाव मैं हाजीपुर से ही लड़ूंगा. हाजीपुर की जनता की मांग है. यहां के लोगों के साथ मेरा सुख- दुख का नाता रहा है. रविवार को पारस लालगंज में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में जाने के पहले पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू थे. चिराग पासवान के बारे में उन्होंने कहा कि जमुई की जनता ने उन्हें दो बार लोकसभा भेजा है. चिराग इस बार जमुई से चुनाव क्यों नहीं लड़ना चाहते हैं? पारस ने कहा कि नित्यानंद राय से मेरी सौहार्दपूर्वक बातें हुईं, लेकिन मैंने साफ शब्दों में कह दिया है कि रालोजपा और लोजपा (रा) का मिलना मुमकिन नहीं है. हमारा भाजपा के साथ गठबंधन है और रहेगा. हमारी स्थिति स्पष्ट है और हम अपनी सीट छोड़नेवाले नहीं हैं और न ही अब तक भाजपा की तरफ से हमें कोई सीट छोड़ने के लिए कहा गया है.
इधर, पशुपति कुमार पारस ने जोर देकर कहा कि- हाजीपुर संसदीय सीट पर कोई समझौता नहीं होगा. हाजीपुर में चिराग पासवान क्या है? चिराग पासवान एनडीए का पार्ट नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि नित्यानंद राय भाजपा के सीट बंटवारे करने के लिए अधिकृत नहीं है. पशुपति पारस ने कहा कि चिराग पासवान इस बार हाजीपुर के तरफ नजर लगाए हुए हैं तो सबसे पहले उनको यह बताना चाहिए कि हाजीपुर में उनका क्या है? उनको जमुई की जनता ने सांसद बनाया. वो नो साल से हुए वहां से सांसद बने हुए हैं. ऐसे मैं उनको वहां की जनता को जवाब देना होगा की इस बार हाजीपुर क्यों आना है? इसके अलावा हाजीपुर से जुड़े सवालों पर पशुपति पारस ने कहा कि मेरा गठबंधन किससे हैं, मेरा गठबंधन भाजपा के साथ हैं. चिराग पासवान अभी एनडीए का हिस्सा नहीं है. वो अभी सीट का फॉर्मूला तय करने में जुटा हुआ है. ये 2020 के बाद से कभी भी लालू और तेजस्वी के खिलाफ नहीं बोले हैं. ऐसे लोगों को लिए पासवान जी कहा करते थे कि रोड पर वहीं जानवर मरता है वो यह तय नहीं कर सकता है कि वो रोड के किस तरफ जाना चाहते हैं.
वह खुद के सीटिंग सीट को लेकर कोई समझौता नहीं करने पर पशुपति पारस ने साफ तौर पर कहा कि गठबंधन धर्म का यह नियम होता है कि सेटिंग सीट से समझौता नहीं करना है. इसलिए हम हाजीपुर क्यों छोड़ेंगे? चिराग क्यों आएगा हाजीपुर? हाजीपुर में उसका क्या है बताइए कोई जवाब है किसी के पास. वह कहते हैं कि मेरे पिताजी की कर्मभूमि है, तो जब उनके पिता जी जिंदा थे 2019 में तो उन्होंने तो टिकट नहीं दिया था चिराग को, उन्होंने कहा था कि चिराग मेरा बेटा जरूर है, लेकिन इस पर मुझे विश्वास नहीं है. मेरा भाई तुम हो तुम हाजीपुर की जनता का सर्वदा सेवा करना. तुम पर मेरा अधिकार है, तुमको मैं अपना उत्तराधिकारी चुनता हूं. तो फिर हाजीपुर सीट छोड़ने की बात ही कहां से आती है. मैं उस समय भी हाजीपुर से सीट लेने को तैयार नहीं था. मैं खुद उस समय बिहार कैबिनेट मिनिस्टर था, लेकिन बड़े भाई का आदेश हुआ तो मैं चुनाव लड़ा. इसलिए मैं किसी भी कीमत पर हाजीपुर सीट नहीं छोड़ने वाला हूं.
इधर, नित्यानंद राय और चिराग पासवान की मुलाकात को लेकर पशुपति पारस ने कहा कि अरे नित्यानंद राय जी के कहने से क्या होगा? पारस ने कहा कि नित्यानंद राय एनडीए के अधिकृत व्यक्ति नहीं हैं. नित्यानंद राय जी कोई भाजपा के ऑथेंटिक मेंबर नहीं है ना. भाजपा में जो बड़े नेता हैं प्रधानमंत्री मोदी अमित शाह, जेपी नड्डा, भूपेंद्र यादव की जब बैठक होगी तो फिर उसमें सीट को लेकर सब कुछ तय होगा. अभी तक चुनाव को लेकर मुझसे कोई वार्तालाप नहीं हुई है. जेपी नड्डा से जब मेरी मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि चाचा भतीजा मिल जाइए लेकिन मैंने उनको साफ तौर पर कहा कि मैं स्पष्ट कर दिया कि मैं उससे नहीं मिल सकता.
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