कुंभ मेले की तरह सज रहा राजगीर का मलमास मेला, तीर्थयात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं

मगध साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी राजगीर में इस वर्ष 18 जुलाई से मलमास मेला लगने जा रहा है. इस बार मलमास मेला की तैयारी कुंभ मेले की तरह की जा रही है. मेला व्यवस्था में कोई कमी न रहे इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अलर्ट हैं.
राजगीर. कुंभ मेलों की तरह राजगीर का मलमास मेला सज रहा है. मेला व्यवस्था में कोई कमी न रहे इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अलर्ट हैं. उनके द्वारा नियमित रूप से मेला व्यवस्था की प्रगति की रिपोर्ट जिला प्रशासन से ली जा रही है. अब तक उनके द्वारा दो बार मलमास मेला क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है. उनके द्वारा दो बार प्रदेश और संबंधित विभागीय आला अधिकारियों के साथ मलमास मेला की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की गयी है.
नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा है कि राजगीर के इस ऐतिहासिक और पौराणिक राजकीय मलमास मेला में आये श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों और सैलानियों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिये. शासन और प्रशासन द्वारा इसका ख्याल रखा जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि बरसात के मौसम में मेला का आयोजन हो रहा है इसलिए प्रशासनिक तौर पर समुचित व्यवस्था हर हाल में होनी चाहिये. ताकि किसी भी तीर्थयात्री को बरसात के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़ सके. मेला शुरू होने में बहुत कम दिन बचे हैं, इसलिए की जा रही तैयारियों को शीघ्र पूरा करने का आदेश भी सीएम द्वारा दिया गया है. तमाम बुनियादी सुविधाओं को हर हाल में पूरा करने का आदेश उनके द्वारा दिया गया है.
शनिवार को मुख्यमंत्री के राजगीर दौरे के बाद मलमास मेला की तैयारियों में रविवार से रफ्तार पकड़ ली है. मलमास मेला की तैयारी को लेकर बनाये गये अलग-अलग कोषांगों के पदाधिकारी सक्रिय होकर अपने जिम्मे के कार्यों को पूरा करने के लिए जी जान से जुट गये हैं. डीएम शशांक शुभंकर द्वारा भी सभी कोषांगों के पदाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर क्रियान्वयन पूरा करने का आदेश दिया गया है.
इस बार मलमास मेला का लूक अलग, अद्भुत और अनूठा दिखने लगा है. मलमास मेला की तैयारी कुंभ मेले की तरह की जा रही है. यात्रियों को ठहरने के लिए अलग अलग जगहों पर यात्री आश्रय पंडाल निर्माण किया गया है. प्रस्तावित स्टेट गेस्ट हाउस परिसर में दो हजार तीर्थ यात्रियों को ठहरने के लिए टेंट सिटी का निर्माण जोर शोर से किया जा रहा है. सभी आश्रय स्थलों पर शौचालय की व्यवस्था प्रशासन द्वारा कराया गया है.
मलमास मेला क्षेत्र में पहली बार तीर्थ यात्रियों को पीने के लिए गंगाजल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री के आदेश पर ब्रह्मकुंड क्षेत्र के विकास मार्ग, वैतरणी नदी घाट के समीप बने यात्री आश्रय स्थल आदि जगहों पर गंगाजल की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावे संपूर्ण मेला क्षेत्र में गंगा जल की आपूर्ति की जाएगी मनोरंजन प्रतिष्ठानों के अलावे सरकारी विभागीय कैंप कार्यालयों में भी गंगा जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.
मलमास मेला क्षेत्र में जितने भी मनोरंजन के प्रतिष्ठान हैं, सभी को बिजली कनेक्शन लेना आवश्यक है. इसके अलावा सभी दुकानदारों, प्रदर्शनी स्थल , प्रशासनिक कैंप कार्यालय, मेला थाना, मेला कंट्रोल रूम सहित मेला क्षेत्र में सभी तरह के व्यवसायियों को कनेक्शन लेना अनिवार्य किया गया है.
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टेंट सिटी,
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जर्मन हैंगर,
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केंद्रीय नियंत्रण कक्ष,
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चार नियंत्रण कक्ष,
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पेय गंगाजल
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स्वच्छता, शौचालय एवं स्नानागार
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प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम
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24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से मेला की निगरानी
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अलग-अलग जगहों पर पार्किंग स्थल
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फ्री वाई फाई की सुविधा
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जगह जगह पर पांच टावर
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