Madhubani News : मधुबनी में 58. 53 हजार श्रमिकों को मिला वस्त्र सहायता योजना का लाभ

Updated:
विज्ञापन
Madhubani News : मधुबनी में 58. 53 हजार श्रमिकों को मिला वस्त्र सहायता योजना का लाभ

जब श्रम की कठोर तपिश में दिन-रात पसीना बहाने वाले मजदूरों के हाथों में नए वस्त्र के लिए राशि आती है, तो उनके चेहरों पर जैसे खुशियों की रौशनी खिल उठती है.

विज्ञापन

मधुबनी.

जब श्रम की कठोर तपिश में दिन-रात पसीना बहाने वाले मजदूरों के हाथों में नए वस्त्र के लिए राशि आती है, तो उनके चेहरों पर जैसे खुशियों की रौशनी खिल उठती है. सरकार की वस्त्र सहायता योजना का लाभ पाकर श्रमिक परिवारों की बस्तियों में त्योहारी उमंग की लहर दौड़ गयी.

मधुबनी के 58 हजार 530 निर्माण श्रमिकों को वस्त्र सहायता योजना का लाभ दिया गया है. निर्माण श्रमिकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रत्येक निबंधित श्रमिकों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये भेजा गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने किया प्रतिज्ञा योजना पोर्टल का शुभारंभ किया. इस अवसर पर समाहरणालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका सीधा प्रसारण मुख्यमंत्री के लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से मुख्य कार्यक्रम से किया गया. मौके पर डीएम आनंद शर्मा ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है. योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शीता सुनिश्चित की जा रही है. यह आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगी. उनके जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होगी. यह योजना श्रमिक वर्ग को सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. अवसर पर कई लाभार्थी को कन्या विवाह सहायता योजना, साइकिल क्रय योजना, शिक्षा सहायता योजना का डमी चेक दिया गया. मौके पर कई अधिकारी मौजूद थे.

श्रम की कीमत पर मिला सम्मान

वस्त्र खरीद के लिए राशि मिलने पर अधिकारियों ने कहा कि यह योजना केवल कपड़े देने तक सीमित नहीं, बल्कि श्रम की कीमत पर सम्मान देने का प्रयास है. मजदूर समाज की रीढ़ हैं, और उन्हें गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए. भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में और भी पात्र श्रमिक इस योजना से जुड़ेंगे. उनका कहना था कि यह पहल सिर्फ वस्त्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रमिकों के जीवन को गरिमा और सहजता देने की निरंतर यात्रा है.

राहत और संतोष की थी घड़ी

सैकड़ों श्रमिक परिवार जब वस्त्र खरीद के लिए राशि मिली, तो उनके चेहरों पर तृप्ति और संतोष झलक रहा था. एक श्रमिक महिला ने कहा, “त्योहार पर नए वस्त्र खरीदने की चिंता थी, पर यह मदद मिल गई तो जैसे मन हल्का हो गया.

आगे और बढ़ेगा लाभविभागीय पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में और भी पात्र श्रमिक इस योजना से जुड़ेंगे. उनका कहना था कि यह पहल सिर्फ वस्त्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रमिकों के जीवन को गरिमा और सहजता देने की निरंतर यात्रा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Gajendra Kumar

लेखक के बारे में

By Gajendra Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन