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Madhubani News : एससी व इबीसी के मत्स्य किसानों को तालाब निर्माण पर मिलेगा अनुदान

Updated at : 13 Jun 2025 10:50 PM (IST)
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Madhubani News : एससी व इबीसी के मत्स्य किसानों को तालाब निर्माण पर मिलेगा अनुदान

सरकार खेती के साथ - साथ मछली पालन को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इसके तहत एससी व इबीसी के लिए तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना की शुरुआत की गयी है.

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मधुबनी.

सरकार खेती के साथ – साथ मछली पालन को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इसके तहत एससी व इबीसी के लिए तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना की शुरुआत की गयी है. जिसमें मछली पालने वाले किसानों को रियरिंग तालाब निर्माण, बोरिंग पंपसेट, मत्स्य इनपुट, शेड का निर्माण, यांत्रिक एरेटर पर सरकार अनुदान देगी. किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

कौन हो सकते हैं लाभुक

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब वर्ग के किसानों और मछली पालकों के हितों की रक्षा करना है. साथ ही उनके कारोबार को इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को मत्स्य कार्य में रुचि जरूरी है. इसके अलावा आवेदक के पास निजी या लीज एकरारनामा पर कम से कम आधा एकड़ जमीन होना चाहिए. वहीं, निर्धारित यूनिट की लागत में अनुदान की राशि के अतिरिक्त राशि चुकाने में सक्षम होना चाहिए. इस तरह से आप राज्य सरकार की इस विशेष योजना का लाभ उठा सकते हैं.

लाभार्थी चयन की यह है प्रक्रिया

इस योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य विभाग के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. वहीं लाभार्थी का चयन जिला मत्स्य पदाधिकारी या फिर उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा किया जाएगा. विशेष सहायता योजना के तहत रियरिंग तालाब निर्माण और संबंधित सभी यूनिट पर लागत 10.10 लाख रुपये प्रति एकड़ है. इस योजना के तहत सरकार 70 प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था की है. शेष राशि लाभार्थी को खुद लगाने होंगे.

लाभार्थी चयन प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति व अति पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को कई दस्तावेज जमा करने होंगे. आवेदक के पास निजी या लीज भूमि का कागजात होना जरूरी है. इसके अलावा मालगुजारी रसीद, जमीन का नक्शा होना चाहिए. किसी पंजीकृत संस्थान से मत्स्य ट्रेनिंग प्रमाण पत्र होना जरूरी है. साथ ही आवेदक के पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन के साथ आवेदक का दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, सहमति और शपथ पत्र होना जरूरी है. इसके बाद ही आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के मत्स्य कृषक तालाब निर्माण आधारित मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना का लाभ ले सकते हैं. इससे मत्स्य पालकों को रोजगार एवं आमदनी का एक ठोस विकल्प उपलब्ध हो सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GAJENDRA KUMAR

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By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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