Madhubani News : लड़कियों की शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए संघर्षरत रही सावित्री वाई फुले
Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 03 Jan 2026 10:22 PM
नाहस खंगरेठा उच्च विद्यालय स्थित विजय कॉम्प्लेक्स परिसर में पहली महिला शिक्षिका साबित्री वाई फुले की जयंती कार्यक्रम राष्ट्रीय जनता दल बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में मनायी गयी.
बिस्फी. नाहस खंगरेठा उच्च विद्यालय स्थित विजय कॉम्प्लेक्स परिसर में पहली महिला शिक्षिका साबित्री वाई फुले की जयंती कार्यक्रम राष्ट्रीय जनता दल बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में मनायी गयी. राजद नेता विजय चंद्र घोष की अध्यक्षता में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विष्णुदेव सिंह यादव ने कहा कि सावित्री वाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षक के अलावे समाज सुधारक, साहित्यकार एवं उच्च कोटि की कवियत्री के रूप में स्थापित हुई. उन्होंने कहा कि सावित्री वाई ने अपने समाज सुधारक पति ज्योति राव फूले के साथ मिल कर लड़कियों की शिक्षा एवं सामाजिक समानता के लिए जीवन भर संघर्षरत रहे. सावित्री वाई फुले का इतिहास शिक्षा, सामाजिक सुधार एवं महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा. उन्होंने जाति भेदभाव एवं अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई. उन्होंने महिला सेवा मंडल नामक संस्था की स्थापना कर इस आंदोलन में हजारों लोगों को इससे जोड़ने का काम किया. कार्यक्रम में शिक्षक अनजीत कुमार यादव, सुधीर कुमार महतो, डॉ अरबिंद कुमार एवं मिथिलेश साफी के अलावे कई लोगों ने विचार व्यक्त किए.
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