परकौली के ग्रामीणों ने श्रमदान व चंदा जुटाकर खुद से बना रहे 500 मीटर लंबी सड़क

फोटो :- बेनीपट्टी के परकौली में सामाजिक एकता की मिशाल पेश कर चंदा व श्रमदान से बनाई जा रही सड़क | Prabhat Khabar Network
बिहार के बेनीपट्टी में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर और श्रमदान कर खुद से 500 मीटर लंबी सड़क बनाई, जो सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है।
प्रतिनिधि, बेनीपट्टीप्रखंड की परकौली पंचायत के वार्ड 6 में इन दिनों सामाजिक एकता की अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है. बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखते हुए ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन की बाट जोहने के बजाय खुद सड़क निर्माण करने की पहल शुरू कर दी है. ग्रामीणों ने गांव व टोले में चंदा जुटाकर श्रमदान से सड़क का निर्माण शुरू किया है.
दरअसल, ग्रामीणों ने वार्ड के शंकर साह के घर के पास से लेकर कोसी नहर की उपशाखा तक लगभग 500 मीटर की दूरी में सड़क बनानी शुरू कर दी. यह निर्माणाधीन सड़क मुख्य रूप से गांव के 3 टोलों को आपस में एक दूसरे के साथ जोड़ने का काम करेगी. सैकड़ों परिवारों के हजारों लोगों का आवागमन सुगम हो सकेगा. ग्रामीणों ने बताया कि बीते 5 जुलाई से शुरू हुए इस निर्माण कार्य में ग्रामीण पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं. गांव के मुंशी जी साह के नेतृत्व में शुरू हुए इस कार्य के लिए ग्रामीणों ने ना केवल आपसी चंदा व श्रमदान कर अपने मुकाम तक पहुंचने की कवायद शुरू कर दी है, बल्कि इस कवायद में गांव के करीब 60 से अधिक लोगों ने जिनकी जमीन इस सड़क में आ रही थी वह सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी जमीन भी सहर्ष दे दी है. इतना ही नही बल्कि बड़ी संख्या में सहयोग राशि और जमीन देने के बाद खुद से श्रमदान भी कर रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि अब तक करीब 60 हजार रुपये जुटाया जा चुका है. जितना चंदा जमा होता है उतना काम आगे बढ़ाया जा रहा है. चंदा जुटाने की प्रक्रिया भी जारी है. ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के मुखिया द्वारा पंचायत कोष में कम राशि बचे होने का हवाला देकर शुरू में 300 मीटर तक पीसीसी सड़क निर्माण कराने की पहल की गई थी, लेकिन बढ़ती और सघन आबादी की जरूरत के हिसाब से यह नाकाफी प्रतीत हो रहा था. लिहाजा उस 300 मीटर से आगे के निर्माण के लिए अब ग्रामीणों ने खुद कमर कस ली है. पहले चरण में मिट्टीकरण का काम किया जा रहा है. ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस सामाजिक पहल को देखते हुए आगे इसे खरंजाकरण और पीसीसी सड़क के रूप में विकसित कर दिया जाए. ताकि, खेती-किसानी व आवागमन में सैकड़ों परिवारों को स्थायी राहत मिल सके. ग्रामीण मुंशी साधु शरण यादव, संजय यादव, जितेंद्र साह, विजय कुमार यादव, वकील यादव, राम चरित्र यादव, शंकर साह, सत्यनारायण साह, दिलीप यादव, ओम प्रकाश यादव, लक्ष्मण यादव और प्रमिला देवी सहित दर्जनों ने बताया कि इस सड़क के बनने से खेती किसानी में सहूलियत मिलने के अलावे कई परिवारों को घर से मुख्य सड़क तक पहुंचने में सहूलियत होगी और सघन आबादी वाले टोले का फैलाव भी हो सकेगा. ग्रामीणों की यह सामूहिक पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और सामाजिक एकता की एक मिसाल पेश कर रही है.
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