Madhubani News : गैर इरादतन हत्या मामले में एक को 5 वर्ष व दूसरे को 2 वर्ष कारावास की सजा
Updated at : 21 Nov 2025 10:25 PM (IST)
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जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय झंझारपुर अनिल कुमार राम ने गैर इरादतन हत्या मामले में भेजा गांव के दो अभियुक्तों को सजा सुनायी है.
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झंझारपुर.
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय झंझारपुर अनिल कुमार राम ने गैर इरादतन हत्या मामले में भेजा गांव के दो अभियुक्तों को सजा सुनायी है. इस मामले में भेजा निवासी पहले अभियुक्त श्याम सुंदर महतो को 5 वर्ष की कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है. वहीं, इस मामले में दूसरे अभियुक्त भेजा गांव के वासुदेव महतो को दो वर्ष की साधारण कारावास की सजा के अलावा 10 हजार का अर्थ दंड भी सजा सुनायी. न्यायाधीश ने मृतक गोपाल महतो की पत्नी रानी गोपाल महतो को बिहार विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2014 के तहत मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. इस मामले में झंझारपुर न्यायालय के अपर लोक अभियोजक देव शंकर झा द्वारा बहस किया गया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता लक्ष्मेश्वर सिंह ने दलील पेश की थी. 1 जुलाई 2021 को भेजा में आपसी विवाद में मारपीट हुई थी. जिसमें गोपाल महतो की मौत मारपीट के दौरान हो गयी थी. मामले में अंबिका देवी ने भेजा थाना में प्राथमिक की दर्ज करायी थी. जिसमें अंबिका देवी ने गांव के श्याम सुंदर महतो, वासुदेव महतो, प्रवेश यादव, राजा बाबू प्रधान पर गाली गलौज कर लोहे के रॉड, फरसा आदि से मारपीट करने का आरोप लगाया था. जिसमें इलाज के क्रम में सूचक का पुत्र गोपाल महतो की मृत्यु हो गयी. अभियुक्त श्याम सुंदर महतो पर मृतक गोपाल महतो के सिर में फरसा से वार करने का आरोप लगाया गया था. वासुदेव महतो पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया था. अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा ने बताया कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय के कोर्ट में सत्रवाद संख्या 431/ 2022 एवं भेजा कांड संख्या 48/ 2021 में दर्ज अभियुक्त श्याम सुंदर महतो को भाद वि की धारा 304 भाग 2 के अंतर्गत गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया. इनको इस मामले में 5 वर्ष साधारण कारावास एवं 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने बताया कि अर्थ दंड भुगतान नहीं करने पर 6 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी. वही, वासुदेव महतो पर भा द वि की धारा 325 के अंतर्गत दोषी पाया गया. इनको दो वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है. साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना की राशि भुगतान नहीं करने पर 6 माह की अलग से साधारण कारावास काटनी होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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