Madhubani News : जिले में डेंगू मरीजों की संख्या हुई 20, स्वस्थ्य विभाग अलर्ट

Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 18 Oct 2025 10:51 PM

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जिले में 17 अक्टूबर को डेंगू के 2 मरीजों के चिन्हित होने के बाद मरीजों की संख्या 20 हो गई.

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मधुबनी.

जिले में 17 अक्टूबर को डेंगू के 2 मरीजों के चिन्हित होने के बाद मरीजों की संख्या 20 हो गई. चिह्नित मरीजों में रहिका प्रखंड के डुमरी की 14 वर्षीय समा परवीन एवं राजनगर प्रखंड के हरि नगर निवासी 21 वर्षीय मो. अंशाद शामिल हैं. विदित हो कि अव तक चिन्हित मरीजों में एक दो मरीजों को छोड़ अधिकांश मरीज 18 – 30 वर्षों के शामिल हैं. जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डीएस सिंह ने कहा कि सभी चिन्हित 20 डेंगू मरीजों के घर के 500 मीटर रेडियस में टेक्निकल मालाथियान से फागिंग एवं लार्विसाइडल का छिड़काव कराया गया है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर सिंह ने कहा कि डेंगू मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सभी संस्थानों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है.

डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ी

जिला में 17 अक्टूबर तक 20 डेंगू मरीजों को चिन्हित किया गया है. डेंगू मरीजों में सबसे पहले रहिका प्रखंड के नवटोल निवासी 19 वर्षीय गुड्डी कुमारी, बेनीपट्टी लोहिया चौक निवासी 22 वर्षीय ईश्वर चंद्र ठाकुर लदनियां प्रखंड के पिपराही निवासी 22 वर्षीय मुकेश राम, खजौली प्रखंड के बिरौल निवासी 18 वर्षीय अनुज कुमार, खजौली प्रखंड निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार ठाकुर, लदनियां प्रखंड के खाजेडीह निवासी 24 वर्षीय आनंद कुमार, राजनगर प्रखंड के मंगरौनी शेखटोली निवासी मो. शकील, रहिका निवासी 20 वर्षीय मो. कमरे आलम, बेनीपट्टी बलेन निवासी 57 वर्षीय राजकुमार सहनी, बाबूबरही निवासी 22 वर्षीय अभिषेक कुमार, बेनीपट्टी निवासी 25 वर्षीय अमरनाथ यादव, मधेपुर निवासी 30 वर्षीय मंजू देवी, बेला जयनगर निवासी सोनिया देबी, कलुआही के सोनू कुमार झा, पंडौल के रोशन कुमार मिश्रा, केवटी के असलानी देबी, रहिका की सना परवीन एवं राजनगर के मो. अंशाद शामिल हैं. डा. डीएस सिंह ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स डेढ़ लाख होनी चाहिए. डेंगू बीमारी में मरीज के प्लेटलेट्स में तेजी से कमी होने लगती है और बीमारी मरीज को अपनी चपेट में ले लेता है. उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव एवं जागरूकता के लिए केटीएस, वीडीसीओ, बीएचडब्ल्यू एवं बीएचआई द्वारा अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में लोगों को डेंगू संबंधित रोगों के कारण एवं उससे बचाव के उपाय का प्रचार प्रसार किया जा रहा है. संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है. डेंगू एवं चिकनगुनिया के रोग, कारण, उपचार एवं सावधानियां के बारे में जानकारी के लिए जिले के 50 सीएचओ को प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के डेंगू मरीजों के घर के 500 मीटर की परिधि में टेक्निकल मालाथियान से फागिंग स्वास्थ्य विभाग एवं शहरी क्षेत्र में मरीजों के घर के 500 मीटर रेडियस में नगर निगम द्वारा फागिंग एवं छिड़काव किया जाता है.

रैपिड रिस्पांस टीम का किया गया है गठन

डॉक्टर डीएस सिंह ने कहा कि डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोग से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित किया गया है. जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आम लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता व इलाज की सटीक जानकारी देने के साथ साथ आपात कालीन स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी इस टीम को दी गयी है. डेंगू के मरीज के अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में मरीज के लिए सदर अस्पताल में 8 बेड, अनुमंडलीय अस्पतालों में 4-4 बेड तथा प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी में 2-2 बेड आरक्षित किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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