Madhubani News : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा

Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 31 Oct 2025 9:48 PM

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है.

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मधुबनी.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इस योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से मरीज लाभान्वित हो रहे हैं. आर्थिक तंगी एवं गरीबी से गुजर रहे मरीजों के लिए तो यह योजना बेहद कारगर साबित हो रहा है. इस योजना के तहत लोगों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यकम के माध्यम से राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क सर्जिकल एवं नन सर्जिकल सुविधाएं प्राप्त हो रही है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित बाल हृदय योजना से जिले मे कई परिवार लाभान्वित हुए हैं. अब नई प्रकिया में जिले चिन्हित 25 बच्चे इसमें बच्चों में जन्मजात तालु का कटना या तालु से जीभ का सटा होना, जन्मजात पैरों में टेढ़ापन होना एवं पेशाब की नली में समस्याओं से परेशान बच्चों का नि:शुल्क इलाज एवं ऑपरेशन डंकन हॉस्पिटल रक्सौल किया जाएगा.

पूर्व में भी जिले के 22 बच्चों का ऑपरेशन कराया गया था. जिले के कटे होंठ, कटे तालु, नाक कटा जीभ चिपका जैसे जन्मजात दोष से ग्रसित बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया था. कैंप का आयोजन 16 नवंबर से 21 नवंबर तक किया जाएगा. ऑपरेशन के लिए मरीज से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा एवं रहना खाना मुफ्त दिया जाएगा. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिला वासियों से अपील किया है कि अपने परिवार या आसपास किसी भी बच्चों में इस प्रकार की समस्या है तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर आरबीएसके के टीम से संपर्क करें

किन किन रोगों का होता है निःशुल्क इलाज

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से 18 वर्ष के बच्चों का तीन दर्जन से अधिक जन्मजात रोगों का बिहार सरकार द्वारा निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन कराया गया है. जन्म के समय दोष में तांत्रिक ट्यूब दोष ( दिमाग, स्पाइनल कार्ड, रीढ़ की हड्डी में जन्मजात विकृति) डाउन सिंड्रोम (जन्म से कम बुद्धि विकास), कटे होठ और तालु, क्लब फुट (पैरों का टेढ़ापन), कूल्हे का विकासात्मक डिस्प्लेसिया,जन्मजात मोतियाबिंद, जन्मजात बहरपान, जन्मजात हृदय रोग, की रेटिनोपैथी कुसमयता ( नेत्र विकार), आंखों का तिरछापन, सिर का छोटा या बड़ा होने का विकार सहित अन्य कुपोषण से संबंधित बीमारियां शामिल हैं.

योजना से लोगों को मिल रही सुविधाएं

आरबीएस के के जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के लिए सरकार द्वारा जो भी योजनाएं लागू की गयी है उसका लाभ जिले के लोगों द्वारा बखूबी लिया जा रहा है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में हृदय रोग के साथ साथ तालु, क्लब फुट सहित अन्य जन्मजात रोगों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है लोग लाभान्वित हो रहे हैं. उन्होंने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति प्रयासरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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