मधुबनी के साहित्यकार प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल को मिला भारत-नेपाल हिन्दी सेवा सम्मान

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Literary scholar Prof. Shubh Kumar Varnwal receiving Bharat-Nepal Hindi Seva Samman at an international literary event in Nepal.

सम्मान प्राप्त करने के बाद सम्मान पत्र के साथ प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल एवं अन्य साहित्यकार.

मधुबनी के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल को नेपाल के पोखरा में आयोजित 21वें लेखक मिलन शिविर एवं साहित्यिक यात्रा के दौरान भारत-नेपाल हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान हिन्दी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रसार और साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया. पढ़ें पूरी खबर…

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मधुबनी से केके पुट्टी की रिपोर्ट

Madhubani News: जिले के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल को भारत-नेपाल हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें हिन्दी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रसार, साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक मैत्री को सुदृढ़ करने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.

नेपाल में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में मिला सम्मान

पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी, शिलांग (मेघालय) द्वारा 5 जून से 9 जून 2026 तक नेपाल के पोखरा स्थित पृथ्वी हॉल होटल में आयोजित 21वें लेखक मिलन शिविर एवं साहित्यिक यात्रा के दौरान यह सम्मान प्रदान किया गया. कार्यक्रम में भारत और नेपाल के साहित्यकारों, कवियों एवं भाषा प्रेमियों ने भाग लिया.

अन्य साहित्यकार भी हुए सम्मानित

इस साहित्यिक यात्रा के दौरान डॉ. संगीता कुमारी वर्णवाल, बिस्फी मंच के कवि डॉ. राज कुमार भारती तथा श्रवण सहनी को भी सम्मानित किया गया. आयोजकों ने बताया कि सम्मानित साहित्यकारों ने हिन्दी साहित्य, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

हिन्दी के अंतरराष्ट्रीय प्रसार में योगदान

प्रो. शुभ कुमार वर्णवाल को यह सम्मान हिन्दी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार, साहित्यिक मैत्री को मजबूत बनाने तथा विभिन्न साहित्यिक यात्राओं और आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए दिया गया. उनके सृजनात्मक योगदान और मानवीय मूल्यों पर आधारित साहित्यिक कार्यों की भी सराहना की गई.

साहित्य जगत में खुशी की लहर

प्रो. वर्णवाल को मिले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर मधुबनी के साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में खुशी का माहौल है.

स्वचालित कविगोष्ठी के संयोजक प्रो. जेपी सिंह, सह-संयोजक उदय जायसवाल, प्रो. नवोनाथ झा, डॉ. राम शृंगार पाण्डेय, डॉ. मनोज कुमार झा, राणा ब्रजेश, ज्योति रमण झा, वेदानन्द साह, रामेश्वर निशांत, विनयानंद झा, भोलानंद झा, डॉ. विनय विश्वबंधु, ऋषि देव सिंह, डॉ. बिजय शंकर पासवान, दयानंद झा, रेवती रमण झा, गोपाल झा ‘अभिषेक’, सुभाष चंद्र झा ‘सिनेही’, डॉ. आशुतोष कुमार सिंहा, नारायण यादव, दयाशंकर मिथिलांचली, डॉ. बंशीधर मिश्र, चन्द्रेश्वर खां, दिलीप कुमार झा, डॉ. राम दयाल यादव, अनुपम झा, अनामिका चौधरी, डॉ. सोनम बाला, श्वेता कुमारी, शिव ना. साह, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. अनिल ठाकुर, उमेश मण्डल और गौरीशंकर साह सहित अनेक साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त किया है.

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Sarfaraz Ahmad

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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