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Madhubani : नगर निगम गठन के बाद कई गुना बढ़ा होल्डिंग टैक्स, लेकिन सुविधा नदारद

Updated at : 08 Dec 2025 10:01 PM (IST)
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Madhubani : नगर निगम गठन के बाद कई गुना बढ़ा होल्डिंग टैक्स, लेकिन सुविधा नदारद

वित्तीय वर्ष 2023-24 से नगर निगम क्षेत्र में पहले की तुलना में कई गुना होल्डिंग टैक्स की बढ़ोत्तरी की गयी है.

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करीब ढाई साल पहले शहर में उत्पन्न समस्या आज भी है बरकरार तीन भाग में निर्धारित किया गया है टैक्स स्लैब, कचरा और पानी के लिए भी टैक्स का निर्धारण शहर के कई कई भागों में आज भी जल जमाव और पेयजल की समस्या बरकरार मधुबनी . वित्तीय वर्ष 2023-24 से नगर निगम क्षेत्र में पहले की तुलना में कई गुना होल्डिंग टैक्स की बढ़ोत्तरी की गयी है. लेकिन सुविधाएं नदारद है. सड़क पर जल जमाव, जीर्ण शीर्ण नाला, वार्ड में एलईडी लाईट की कमी, जगह जगह कचरे का ढेर,आधारभूत संरचना का अभाव, सड़कों व नाला का अतिक्रमण जैसी समस्या आज भी बरकरार है. समस्या आज से करीब ढाई साल पहले जहां थी वह आज भी वहीं खड़ी है. निगम विकास का जितना भी दवा करे लेकिन लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. तीन स्लैब में टैक्स मिली जानकारी के अनुसार जो पहले होल्डिंग टैक्स के रूप में वर्ष में सौ-दो सौ रुपए दे रहे थे उन्हें अब एक हजार रुपये टैक्स देना पड़ रहा है. यह हालत शहर के सभी घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए समान है. फरवरी 2024 में टैक्स संग्रहण का काम निजी एजेंसी वीरा वेंचर्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया. पूरे शहर में विस्तारित एरिया सहित सभी घरों के आईडी नंबर आवंटित करने और घरों के सर्वे के बाद पैमाईश करते हुए टैक्स के लिए डिमांड जेनरेट करने का आदेश दिया. जो डिमांड जेनरेट हुआ है वह सभी घरों की मापी के बाद हुआ है. वहीं निगम में अपग्रेड होने के बाद विभाग द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार टैक्स निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. जिसके कारण होल्डिंग टैक्स में बढ़ोत्तरी हुई. नगर निगम में विभाग के मानक के अनुसार तीन रोड वाले स्लैब में टैक्स का निर्धारण किया गया है. प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और अन्य सड़क में पूरे शहर को बांटा गया है. संरचना के हिसाब से भी पूरा व्यावसायिक, पूरी तरह आवासीय और अन्य में बांटा गया है. इसे कैटोगरी सी में शामिल करते हुए टैक्स निर्धारित किया गया है. एक लाख व अधिक आबादी वाले काउंसिल कैटोगरी में इसे शामिल किया गया है. निगम बनने के बाद भी सशक्त स्थायी समिति और बोर्ड ने यहां के लोगों की हालत को देखकर इस कैटोगरी में रखा है. निगम से कचरा उठाव व निस्तारण के लिए टैक्स लिया जा रहा है. प्रति घर प्रति माह 30 रुपए निर्धारित किया गया है. छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठान के लिए 100 रुपए और मॉल, कार्यालय, हॉस्पीटल के लिए प्रतिमाह 500 रुपए लिये जा रहे हैं. पेयजल आपूर्ति के लिए 25 रुपए प्रतिमाह प्रति कनेक्शन निर्धारित है. नए वित्तीय वर्ष में अगर अप्रैल से जून तक सालाना टैक्स जमा किया जाए तो 5 फीसदी की छूट दी जा रही है. जुलाई से सितंबर के बीच टैक्स बीच टैक्स जमा करने पर किसी तरह की छूट नहीं दी जा रही है और न ही फाइन लिया जाएगा. इसके बाद टैक्स जमा करने पर 1.5 फीसदी लेट फाइन देना होगा. हांलांकि चालू वित्तिय वर्ष में एक मुस्त बकाया टैक्स के भुगतान पर ब्याज में शत प्रतिशत छूट दी जा रही है . जल जमाव से सड़क बनी जानलेवा पिछले ढाई साल पहले सड़क पर पहले जहां नाला का पानी सालों बहता था अभी भी वही स्थिति बनी हुई है. संतुनगर से बूबना उद्यान जाने वाली मुख्य सड़क, गौशाला रोड से पुरानी चट्टी रोड जाने वाली मुख्य सड़क, तिलक चौक से महंथी लाल चौक जाने वाली सड़क, आदर्श नगर कॉलोनी की सड़क सहित दर्जनों सड़क का हाल बदहाल है. लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया है. इसे देखने पर लगता है कि निगम के विकास के दावे सिर्फ कागज पर ही सिमट कर रह जाती है. क्या कहते है डिप्टी मेयर डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान ने कहा था नगर निगम में पारदर्शिता के साथ मापी कर होल्डिंग टैक्स में वृद्धि की गयी है. फिर भी इसमें किसी तरह की विसंगतियां या कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जायेगा. इसके लिए आवेदन स्वीकार किया जाएगा. जो समस्या दिखाई दे रही है उसे शीघ्र हल किया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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