Madhubani News. अवैध राशि निकासी मामले में मुखिया और तत्कालीन पंचायत सचिव पर प्राथमिकी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Sep 2024 10:02 PM

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पंडौल प्रखंड के मोकरमपुर पंचायत में मुखिया और तत्कालीन पंचायत सचिव पर नियमों का उल्लंघन कर विकास योजना की राशि निकालने के मामले में डीएम के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई है.

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Madhubani News. मधुबनी: पंडौल प्रखंड के मोकरमपुर पंचायत में मुखिया और तत्कालीन पंचायत सचिव पर नियमों का उल्लंघन कर विकास योजना की राशि निकालने के मामले में डीएम के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई है. मोकरमपुर पंचायत के मुखिया मो. आजाद शाह और तत्कालीन पंचायत सचिव शिव कुमार मिश्र पर बीडीओ मनोज कुमार राय ने सकरी थाना में राशि गबन करने का प्राथमिकी दर्ज करायी है. बीडीओ ने प्राथमिक में कहा है कि मोकरमपुर पंचायत के मुखिया मो. आजाद शाह और तत्कालीन पंचायत सचिव शिव कुमार मिश्र द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने में विभागीय दिशा निर्देश का उल्लंघन किया गया है. चौदहवीं वित्त आयोग योजना एवं षष्ठम वित्त आयोग योजना मद की राशि से पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जाना था. इसके लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी. जिसमें वित्तीय नियमावली का उल्लंघन कर सरकारी राशि का व्यय किया गया है. जो एक प्रकार का गबन है. बीडीओ ने सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ किये जाने की बात भी कही है. क्या है मामला दरअसल यह पूरा मामला पंडौल प्रखंड के मोकरमपुर पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की राशि अवैध तरीके से निकासी किये जाने से जुड़ा है. इस मामले को पंचायत के मो. इरसाद आजम सहित कई लोगों ने उजागर किया था. विदित हो कि 14 वीं वित्त आयोग योजना 2019-20 एवं षष्ठम वित्त आयोग योजना 2022-23 में 10 लाख रुपये एवं 10 लाख 9 हजार 120 रुपये पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए उपलब्ध कराया गया था. लेकिन वित्तीय नियम का उल्लंघन कर मुखिया एवं तत्कालीन पंचायत सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से राशि की निकासी कर ली गई. सरकार के नियम के अनुसार 5 लाख से अधिक की राशि का कार्यान्वयन निविदा के माध्यम से कराया जाना है. जिसका स्पष्ट उल्लंघन किया गया है. क्या है नियम वित्त विभाग बिहार पटना के अनुसार नियम 131 घ के अनुसार 50 हजार से 5 लाख रुपये तक का वस्तु की खरीदारी विभागाध्यक्ष के नियमानुसार समुचित स्तर पर गठित तीन सदस्यीय स्थानीय क्रय समिति की अनुशंसा पर की जाएगी. समिति दर, गुणवत्ता एवं विशिष्टयों की युक्ति संगतनिश्चित करने एवं सही आपूर्तिकर्ता की पहचान करने के लिए बाजार की सर्वेक्षण करेगी. कार्यादेश देने से पूर्व समिति द्वारा विहित प्रमाणपत्र समर्पित किया जाना है. इस प्रकार पंचायतीराज विभाग जिला स्तर से ग्राम पंचायत के लिए ऐसी किसी क्रय समिति का गठन प्रतिवेदित नहीं है. जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में दायर हुआ था परिवाद मामले को लेकर मो़ इरसाद आजम ने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में परिवाद भी दायर किया था. सुनवाई के दौरान सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के मामले में वित्तीय नियमावली का उल्लंघन कर राशि गबन किये जाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने बीडीओ पंडौल को मुखिया एवं तत्कालीन पंचायत सचिव पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था. विदित हो कि मुखिया और तत्कालीन पंचायत सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से राशि की निकासी की गई है. डीएम ने मुखिया और तत्कालीन पंचायत सचिव से बराबर-बराबर व्याज सहित राशि वसूली करने का भी निर्देश दिया है. इस मामले में संज्ञान लेते हुए डीएम द्वारा जांच का निर्देश भी जारी किया गया था. जांच के दौरान भी दोनों व्यक्ति दोषी पाए गए थे.

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