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चैती नवरात्र पूजनोत्सव से बेहटा काली स्थान में भक्तिमय बना माहौल

Updated at : 31 Mar 2025 10:14 PM (IST)
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चैती नवरात्र पूजनोत्सव से बेहटा काली स्थान में भक्तिमय बना माहौल

प्रखंड के बेहटा गांव स्थित काली मंदिर में चैती नवरात्र पूजनोत्सव के आयोजन से आस-पास का माहौल भक्तिमय बन गया है.

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बेनीपट्टी . प्रखंड के बेहटा गांव स्थित काली मंदिर में चैती नवरात्र पूजनोत्सव के आयोजन से आस-पास का माहौल भक्तिमय बन गया है. विधि विधान के साथ मां की पूजा अर्चना व आराधना की जा रही है. नवरात्र पूजनोत्सव प्रारंभ होते ही काफी संख्या में श्रद्धालु मां की पूजा अर्चना को पहुंच रहे हैं. बताया जा रहा है कि काली मंदिर में पिंडी स्वरूप में प्रतिष्ठापित मां जगतजननी जगदंबा भक्तों की सभी मुरादें पूरी करतीं हैं. सामान्य दिनों में भी यहां रोजाना कालिस्थान बेहटा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां के पिंडी स्वरूप का दर्शन कर मनोवांक्षित मनोकामना की पूरी होने की कामना करते रहे हैं. प्रखंड कार्यालय से दो किलोमीटर की दूरी पर बेहटा बाजार के पास स्टेट बैंक के समीप कालिस्थान में पिंडी स्वरूप भगवती विराजमान हैं. जहां प्रत्येक दिन खासकर शारदीय व चैती नवरात्र के समय पूजा अर्चना तथा दर्शन करने के लिये भक्तों का हुजूम उमड़ता है. मान्यता है कि सवा महीने तक लगातार इस पींड स्वरूपा भगवती के समीप लगातार दीप जलाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. चैती नवरात्र के मौके पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. शाम की आरती बेला में जुटनेवाली सैकड़ों श्रद्धालूओं की भीड़ से यहां की छटा ही निराली हो जाती है. जनश्रुति के अनुसार बेहटा कालिस्थान में सैकड़ों वर्षो से माता पिंडी रूप में विराजमान हैं. बताया जाता है सैकड़ों वर्षो पूर्व माता कालिका ने यहां के पुजारी को अपना प्रतिमा आशीर्वाद स्वरूप दिया था तथा प्रतिमा को बेहटा गांव में स्थापित कर पूजा अर्चना का निर्देश दिया था. उस समय बेहटा गांव में जहां वर्तमान में काली स्थान है, वहां सिर्फ घने जंगल ही हुआ करते थे. मां के निर्देश पर पूजारी ने उस प्रतिमा को लाकर स्थापित कर दिया और पूजा अर्चना शुरु की. लेकिन कुछ दिनों के बाद पड़ोसी गांव के लोग कालिस्थान बेहटा से प्रतिमा चुराकर ले गये. पता लगने पर पुनः बेहटा गांव के लोगों प्रतिमा को वापस ले आये. तीन बार इस तरह का सिलसिला चलने के बाद मां कालिके का कालिस्थान बेहटा के पूजारी को स्वपन में दर्शन हुआ. उस स्वप्न दर्शन के क्रम में ही मां ने कहा था कि तुमलोग यहां पिंड स्थापित कर हमारी पूजा अर्चना करो. मेरा प्रतिमा दूसरे किसी भी स्थान पर रहेगा तब भी प्राण इसी पिंडी में रहेगा. जिसके बाद से बेहटा गांव के लोग पिंडी बनाकर श्रद्धा भाव से माता की पूजा अर्चना करने में जुट गये. पूजारी लक्ष्मीकांत झा, संजय झा, प्रो. भवानंद झा, प्रो. रामनारायण झा तथा आनंद कुमार झा कहते है कि पिंडेश्वरी माता यहां के कुल देवी के रुप में विराजमान होकर रक्षा करतीं हैं और लोगों को सुख, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करतीं हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DIGVIJAY SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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