Darbhanga News : संस्कृत विवि की सिंडिकेट ने 4.48 अरब घाटे का बजट किया पास

Edited by GAJENDRA KUMAR
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कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक गुरुवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में हुई.

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दरभंगा.

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक गुरुवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में हुई. इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तैयार एवं वित्त समिति द्वारा अनुशंसित आय व्ययक पर विमर्श किया गया. सदस्यों ने आवश्यक संशोधन के साथ चार अरब 48 करोड़ 66 लाख 65 हजार 936 रुपये के घाटे का बजट की अनुशंसा की. इसे सीनेट से पास करा कर अब राज्य सरकार को भेजा जाएगा. प्रस्तुत आय व्ययक में कुल व्यय चार अरब 50 करोड़ 67 लाख 11 हजार 714 रुपये का प्रावधान किया गया है. आय मद में दो करोड़ 45 हजार 778 रुपये दिखाया गया है. पीजी विभाग, अंगीभूत कालेज, वित्त सहित शास्त्री व उपशास्त्री कालेजों के 696 शिक्षक व 464 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतन मद में 66 करोड़ 89 लाख 14 हजार 132 रुपये का प्रबंध किया गया है. 818 पेंशनर्स व फैमिली पेंशनर्स के पेंशन मद में 66 करोड़ 73 लाख 95 हजार 362 रुपये का उपबंध है. 405 अतिथि सहायक प्राध्यापक तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय के लिए 17 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है.

विवि को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में होगी पहल

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया. यह भी निर्णय लिया गया कि महाविद्यालय एवं स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संस्कृत में वार्तालाप करेंगे. सीनेट की बैठक नौ अप्रैल को करने की स्वीकृति सिंडिकेट ने दे दी. सिंडिकेट ने सीनेट के अध्यक्ष का अभिभाषण अनुमोदित कर दिया. सीनेट की बैठक में प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों का नाम चयन करने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया.

वित्त समिति एवं सिंडिकेट सदस्यों का चुनाव की उठी मांग

प्रो. अजीत कुमार चौधरी ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि पिछले दो सिंडिकेट की बैठक के निर्णय के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा वित्त समिति एवं सिंडिकेट सदस्यों का चुनाव नहीं कराया गया. यह चुनाव अविलंब होना चाहिए. क्रय-विक्रय समिति द्वारा कचरे की बिक्री से संबंधित अनुशंसित प्रस्ताव में संशोधन करते प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जाये. अभियंता का पदनाम कार्यपालक अभियंता के स्थान पर कनीय अभियंता अंकित करने का निर्णय लिया गया.

कई शिक्षाकर्मियों के भुगतान का निर्णय

प्रो. दिलीप कुमार चौधरी के प्रस्ताव पर जगदीश नारायण संस्कृत उपशास्त्री महाविद्यालय, लगमा के कर्मचारी अशोक कुमार का 20 मार्च 2020 से 31 दिसंबर 2022 तक वेतन विपत्र जांच कर शीघ्र भुगतान करने, रूदल राय के प्रस्ताव पर प्राधिकार शाखा के सेवानिवृत्त सहायक जग्न्नाथ झा का दो जनवरी 2023 से 30 अप्रैल 2023 एवं 15 फरवरी 2024 से 30 अप्रैल 2024 तक का पारिश्रमिक भुगतान लेखा जांच के बाद करने का निर्णय लिया गया. शकुन्तला गुप्ता के प्रस्ताव पर सभी अंगीभूत एवं स्नातकोत्तर विभागों के स्वीकृत एवं रिक्त पदों की गणना कर रिक्तियों के अनुसार रोस्टर क्लीयरेन्स के बाद जुलाई 2025 तक नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया.

पर्यटन विभाग के एमओयू जांच को लेकर समिति गठित

बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा लाइट एंड साउण्ड परियोजना के लिए प्रेषित एमओयू के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया. इसमें सिंडिकेट सदस्य प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. अजीत कुमार चौधरी, सीसीडीसी, विकास पदाधिकारी एवं भू-सम्पदा पदाधिकारी संयोजक सदस्य बनाये गये. इससे पूर्व वित्त समिति की बैठक हुई, जिसके अनुशंसित प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए सिंडिकेट में रखा गया.

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