Madhubani News. नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में एक नाबालिग को आजीवन कारावास
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Dec 2024 10:11 PM
एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले की प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सह विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सैयद मो. फजलूल बारी की न्यायालय में सजा के बिंदु पर शनिवार को सुनवाई हुई.
Madhubani News. मधुबनी . कलुआही थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले की प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सह विशेष न्यायालय के न्यायाधीश सैयद मो. फजलूल बारी की न्यायालय में सजा के बिंदु पर शनिवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद आरोपी कलुआही थाना क्षेत्र के एक नाबालिग को दफा 376ए , 376डी, दफा 302, 120बी भादवि एवं 6 पॉक्सो एक्ट में जीवनपर्यत्न कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मिश्री लाल यादव ने बहस करते हुए न्यायालय से आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता शिवनाथ चौधरी ने बहस करते हुए कम से कम सजा देने की मांग की थी. क्या है मामला अपर लोक अभियोजक के अनुसार घटना 17 अगस्त 2020 की है. नाबालिग पीड़िता अपने घर से शौच के लिए निकली थी. काफी समय बीत जाने के बाद जब नाबालिग घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने रात भर खोजबीन की. सुबह में जानकारी मिली की मलमल स्थित किशोरी सहनी जो विकलांग है के घर में एक शव है. सूचना मिलने पर पुलिस के साथ जब किशोरी सहनी के घर नाबालिग के पिता वहां पहुंचे तो नाबालिग का शव पड़ा पाया. मामले को लेकर नाबालिग के पिता के बयान पर कलुआही थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. एक आरोपी को मिल चुकी है जीवनपर्यत्न कारावास की सजा इसी कांड के एक अन्य आरोपी रामनाथ सहनी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो गौरव आनंद के न्यायालय से 14 जून 2023 को जीवन काल तक जेल में रहने की सजा हो चुकी है. वहीं दूसरा आरोपी प्रसादी सहनी का निधन विचारण के दौरान ही जेल में हो गया था. वहीं तीसरा आरोपी नाबालिग होने के कारण मामले का विचारण प्रथम एडीजे सह विशेष न्यायालय में हुआ. 8 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश अपर लोक अभियोजक के अनुसार न्यायालय ने मृतिका के परिजन को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आठ लाख रुपये देने का आदेश दिया है. वहीं न्यायालय ने आरोपी के जुर्माना देने के स्थिति में जुर्माने की राशि भी मृतिका के परिजन को देने का आदेश दिया है.
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